Thursday, 29 October 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
बर्नपुर से कांग्रेस का बड़ा ऐलान, घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करेंगे कार्यकर्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी दुर्गापुर के वकीलों का आंदोलन जारी, नई अदालत में सुविधाओं की मांग दुर्गापुर में मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ प्रदर्शन, भाजपा मजदूर मंच ने फूंका पुतला आसनसोल में फ्लिपकार्ट ऑनलाइन हब में बड़ी चोरी, शटर तोड़कर ₹2 लाख कैश ले उड़े चोर दुर्गापुर में महिला का बैग छीनकर भाग रहा था बाइक सवार, पुलिस ने गांधी मोड़ पर दबोचा किसानों के खाते में आएंगे 2,000 रुपये! पश्चिम बंगाल में 5 नवंबर को पीएम किसान निधि की राशि वितरण बर्नपुर से कांग्रेस का बड़ा ऐलान, घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करेंगे कार्यकर्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी दुर्गापुर के वकीलों का आंदोलन जारी, नई अदालत में सुविधाओं की मांग दुर्गापुर में मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ प्रदर्शन, भाजपा मजदूर मंच ने फूंका पुतला आसनसोल में फ्लिपकार्ट ऑनलाइन हब में बड़ी चोरी, शटर तोड़कर ₹2 लाख कैश ले उड़े चोर दुर्गापुर में महिला का बैग छीनकर भाग रहा था बाइक सवार, पुलिस ने गांधी मोड़ पर दबोचा किसानों के खाते में आएंगे 2,000 रुपये! पश्चिम बंगाल में 5 नवंबर को पीएम किसान निधि की राशि वितरण
आसनसोल-दुर्गापुर

बर्नपुर से कांग्रेस का बड़ा ऐलान, घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करेंगे कार्यकर्ता

Moutushi · 29 October 2026, 8:32 PM

बर्नपुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पश्चिम बर्धमान जिले के बर्नपुर में कांग्रेस ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर अपना अभियान तेज करने का ऐलान किया है। गुरुवार को बर्नपुर स्थित बड़ी मंजिल के इंटक कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ कार्यक्रम के बंगाल प्रदेश पर्यवेक्षक शरद राउत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर मतदाता सूची का जमीनी सर्वे करेंगे। इस अभियान के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और किन नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं।

संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष तरुण राय और पश्चिम बर्धमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरजीत सिंह भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए और सूची में होने वाले बदलावों की जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जानी चाहिए।

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में अभियान

शरद राउत ने बताया कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में देशव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, ऐसी स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिकों के मताधिकार को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी जरूरत है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं रहता, तो उसे मतदान करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।

हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के संबंध में कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और वास्तविक आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। पार्टी ने इसी मुद्दे पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।

घर-घर जाकर मतदाता सूची का जमीनी सर्वे

इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करना होगा। कांग्रेस कार्यकर्ता परिवारों से बातचीत कर यह जानकारी जुटाने का प्रयास करेंगे कि उनके परिवार के पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में मौजूद हैं या नहीं। साथ ही, नए मतदाताओं के नाम जुड़ने और पुराने नामों में किसी तरह के बदलाव की जानकारी भी एकत्र की जाएगी।

इस सर्वे के माध्यम से पार्टी स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना चाहती है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलता, तो संबंधित जानकारी जुटाकर उसके समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया की ओर ध्यान दिलाया जा सकेगा।

हालांकि, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार कराने का अंतिम निर्णय संबंधित निर्वाचन अधिकारियों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होता है। कांग्रेस का प्रस्तावित सर्वे पार्टी की ओर से जानकारी जुटाने और लोगों को जागरूक करने की पहल है। इसे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जांच प्रक्रिया से अलग समझना जरूरी है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

संवाददाता सम्मेलन में शरद राउत ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का भी उल्लेख किया। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आ रही है। कांग्रेस चाहती है कि मतदाता सूची में होने वाले बदलावों के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं और पात्र नागरिकों के नाम हटने से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो।

गौरतलब है कि सितंबर 2026 के अंत में कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। पार्टी ने मतदाता सूची में बदलावों से संबंधित आंकड़ों को सार्वजनिक करने और प्रभावित मतदाताओं को अपील का अवसर देने की मांग भी की थी।

मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस के अभियान में पारदर्शिता एक प्रमुख मुद्दा है। पार्टी चाहती है कि पश्चिम बंगाल समेत देश के अन्य राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या और उससे संबंधित विवरण सार्वजनिक किए जाएं। इसके साथ ही फर्जी या दोहराए गए मतदाता नामों की पहचान करने के लिए भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसे इसकी जानकारी मिलनी चाहिए और निर्धारित नियमों के तहत आपत्ति या अपील करने का अवसर भी उपलब्ध होना चाहिए।

पार्टी का प्रस्तावित सर्वे इसी तरह की शिकायतों और संभावित विसंगतियों की पहचान करने पर केंद्रित रहेगा। हालांकि, सर्वे के दौरान सामने आने वाले मामलों की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और निर्वाचन अधिकारियों की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।

मताधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का एक अन्य उद्देश्य आम लोगों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना है। कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम जांचने और जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार कराने के बारे में जानकारी देने का प्रयास करेंगे।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका से जुड़ा है। इसलिए मतदाता सूची में अपना नाम और संबंधित विवरण समय रहते जांचना उपयोगी होता है। यदि किसी मतदाता को नाम में गलती या सूची से नाम गायब होने की समस्या मिलती है, तो उसे संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

बर्नपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के जरिए कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचना चाहती है। अब यह देखना होगा कि प्रस्तावित सर्वे के दौरान कितनी शिकायतें सामने आती हैं और पार्टी उन्हें आगे किस तरह संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाती है।

फिलहाल, कांग्रेस ने घर-घर सर्वे, मतदाता सूची के आंकड़ों में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को अपने अभियान का प्रमुख आधार बनाया है। चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की वास्तविक स्थिति का निर्धारण संबंधित आंकड़ों, दस्तावेजों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही किया जा सकेगा।

Advertisement