Saturday, 31 October 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
बंगाल में राजनीतिक हिंसा के पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देगी सरकार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान रेलवे कर्मचारियों के बोनस पर भड़का बीएमएस, आसनसोल डीआरएम कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन छठ पूजा से पहले एक्शन में दुर्गापुर प्रशासन, कुमारमंगलम पार्क घाट का अधिकारियों ने किया निरीक्षण 290 करोड़ के बैंक घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, कोहिनूर पावर के खिलाफ बंगाल में 7 ठिकानों पर छापेमारी कुल्टी में ईडी की छापेमारी से मचा हड़कंप, पांच गाड़ियों के काफिले के साथ बराकर पहुंचे अधिकारी 290 करोड़ के बैंक घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, कोलकाता से उत्तरपाड़ा तक कई ठिकानों पर छापेमारी बंगाल में राजनीतिक हिंसा के पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देगी सरकार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान रेलवे कर्मचारियों के बोनस पर भड़का बीएमएस, आसनसोल डीआरएम कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन छठ पूजा से पहले एक्शन में दुर्गापुर प्रशासन, कुमारमंगलम पार्क घाट का अधिकारियों ने किया निरीक्षण 290 करोड़ के बैंक घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, कोहिनूर पावर के खिलाफ बंगाल में 7 ठिकानों पर छापेमारी कुल्टी में ईडी की छापेमारी से मचा हड़कंप, पांच गाड़ियों के काफिले के साथ बराकर पहुंचे अधिकारी 290 करोड़ के बैंक घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, कोलकाता से उत्तरपाड़ा तक कई ठिकानों पर छापेमारी
आसनसोल-दुर्गापुर

छठ पूजा से पहले एक्शन में दुर्गापुर प्रशासन, कुमारमंगलम पार्क घाट का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

Moutushi · 30 October 2026, 3:27 PM

दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर दुर्गापुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी लोग सुरक्षित वातावरण में भगवान सूर्य को अर्घ्य दे सकें, इसके लिए प्रशासन ने अभी से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की पहल शुरू कर दी है। इसी कड़ी में दुर्गापुर के विभिन्न छठ घाटों का प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने घाटों की मौजूदा स्थिति, श्रद्धालुओं की आवाजाही और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान दुर्गापुर के महकमा शासक (एसडीओ), पुलिस के डीसीपी, दुर्गापुर नगर निगम के कमिश्नर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग घाटों पर पहुंचकर यह समझने का प्रयास किया कि छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए किस तरह की व्यवस्थाएं जरूरी होंगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पूजा से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करना है, ताकि पर्व के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या असुविधा की स्थिति उत्पन्न न हो।

कुमारमंगलम पार्क छठ घाट का किया गया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कुमारमंगलम पार्क स्थित छठ घाट यानी तालाब का विशेष रूप से जायजा लिया। अधिकारियों ने तालाब के चारों ओर घूमकर घाट की स्थिति देखी और वहां श्रद्धालुओं की संभावित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की। छठ पूजा के अवसर पर व्रती और उनके परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में तालाब के आसपास सुरक्षित स्थान, पर्याप्त रोशनी और आने-जाने के लिए सुविधाजनक रास्ता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पूजा के समय घाट पर अंधेरा न रहे। पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होने से सुबह और शाम के समय श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा होगी। छठ पूजा में संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य दोनों का विशेष महत्व होता है। इन अवसरों पर श्रद्धालु निर्धारित समय से पहले ही घाटों पर पहुंचने लगते हैं। इसलिए घाटों और आसपास के रास्तों पर उचित प्रकाश व्यवस्था करना प्रशासन की तैयारियों का अहम हिस्सा है।

महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था पर जोर

घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चेंजिंग रूम की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं व्रत और धार्मिक अनुष्ठान के लिए घाटों पर पहुंचती हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक चेंजिंग रूम उपलब्ध होना जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इस व्यवस्था को लेकर भी विशेष जोर दिया, ताकि महिलाओं को पूजा के दौरान किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश मार्ग तैयार करने पर भी चर्चा हुई। पूजा के दौरान एक ही समय में बड़ी संख्या में लोगों के घाट पर पहुंचने की संभावना रहती है। यदि प्रवेश और निकास के रास्ते व्यवस्थित नहीं हों, तो भीड़ के कारण परेशानी पैदा हो सकती है। इसलिए रास्तों को सुविधाजनक बनाने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की जरूरत पर ध्यान दिया गया।

तालाब के चारों ओर होगी बांस की बैरिकेडिंग

निरीक्षण के दौरान कुमारमंगलम पार्क स्थित तालाब के चारों ओर बांस की बैरिकेडिंग करने की योजना पर भी चर्चा की गई। छठ पूजा के समय व्रती और उनके परिजन जल में उतरकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। इस दौरान तालाब के किनारे भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में जलाशय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना बेहद जरूरी होता है।

बांस की बैरिकेडिंग से तालाब के किनारे लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने और संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक भीड़ को रोकने में मदद मिल सकती है। इससे श्रद्धालुओं को निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में रहकर पूजा करने में सुविधा होगी। हालांकि बैरिकेडिंग के साथ-साथ प्रवेश और निकास के रास्तों को भी व्यवस्थित रखना आवश्यक होगा, ताकि किसी आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में परेशानी न हो।

पूजा से पहले पूरी होंगी जरूरी तैयारियां

प्रशासन की ओर से बताया गया कि छठ पूजा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने की दिशा में काम किया जा रहा है। निरीक्षण का उद्देश्य केवल घाटों की मौजूदा स्थिति देखना नहीं, बल्कि उन कमियों और जरूरतों की पहचान करना भी है, जिन्हें समय रहते दूर किया जा सके। रोशनी, चेंजिंग रूम, प्रवेश मार्ग और बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

छठ पूजा के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। परिवार के सदस्य भी व्रतियों के साथ पहुंचते हैं और पूजा की तैयारियों में सहयोग करते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन की भी चुनौती रहती है। घाटों पर पर्याप्त जगह, सुरक्षित आवाजाही और व्यवस्थित व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को पूजा करने में सहूलियत मिल सकती है।

दुर्गापुर में प्रशासनिक अधिकारियों के इस निरीक्षण को छठ पूजा की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समय रहते घाटों का जायजा लेने से आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा। अब श्रद्धालुओं की नजर इस बात पर रहेगी कि पूजा से पहले सभी प्रस्तावित व्यवस्थाएं जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती हैं।

छठ महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक भी है। इसलिए घाटों पर स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष महत्व रहता है। प्रशासन की कोशिश है कि दुर्गापुर के श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में छठ पूजा संपन्न कर सकें।

Advertisement