आसनसोल | विशेष संवाददाता
डॉक्टर्स डे के अवसर पर आसनसोल में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जब एनएमओ (नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन) आसनसोल जिला की ओर से मां घाघरबुड़ी मंदिर परिसर में भव्य सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में डॉक्टरों ने खुद झाड़ू उठाकर स्वच्छता का संदेश दिया और समाज के सामने एक मिसाल पेश की।
डॉक्टरों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
इस सफाई अभियान में कई प्रमुख चिकित्सकों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. तथागत मुखर्जी, डॉ. सुब्रत घोषाल, डॉ. सुप्रियो मजूमदार, डॉ. अनिल अधिकारी, डॉ. सुमित संघाई, डॉ. दीप्तांग्शु रॉय चौधरी, डॉ. उत्सव मुखर्जी, डॉ. इंगिता मुखर्जी, डॉ. संतोष कुमार और डॉ. कल्याण बनर्जी शामिल रहे।
सभी डॉक्टरों ने मिलकर मंदिर परिसर की सफाई की और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया।

जनप्रतिनिधियों की भी रही मौजूदगी
इस अवसर पर आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी भी उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम में आसनसोल जिला के जिला संघचालक प्रदीप कुमार सिंह की उपस्थिति ने इस अभियान को और भी खास बना दिया।
स्वच्छता का दिया सशक्त संदेश
डॉक्टर्स डे के मौके पर आयोजित इस अभियान के जरिए यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वच्छता भी उतनी ही जरूरी है।
डॉक्टरों ने कहा कि अगर वातावरण स्वच्छ रहेगा, तो बीमारियों की संभावना भी कम होगी।

समाज के लिए प्रेरणा बना अभियान
इस पहल ने यह साबित कर दिया कि डॉक्टर केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं।
मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर सफाई अभियान चलाकर उन्होंने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम किया।
👉 कुल मिलाकर, यह अभियान सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को एक बड़ा संदेश देने में सफल रहा—“स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन की पहली शर्त है।”


