आसनसोल: ट्रकों से कथित ‘डंडा टैक्स’ वसूली मामले में गिरफ्तार दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों को दो दिनों की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद एक बार फिर आसनसोल अदालत में पेश किया गया। इस मामले ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि आसनसोल के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित कुल्टी के चौरंगी मोड़ रामपुर चेकपोस्ट पर ट्रक चालकों से ‘डंडा टैक्स’ के नाम पर कथित अवैध वसूली की जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिटेक्टिव विभाग ने कार्रवाई करते हुए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर अरिंदम बंद्योपाध्याय और नाजिमुल हक को गिरफ्तार किया था।
रविवार को दोनों आरोपियों को वर्चुअल माध्यम से अदालत में पेश किया गया था, जहां न्यायाधीश ने उन्हें दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था। पुलिस हिरासत के दौरान जांच अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ कर वसूली के नेटवर्क, रकम के लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आ सकता है कि यह वसूली केवल दो अधिकारियों तक सीमित थी या इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय था। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और अन्य संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
इधर, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के परिवहन विभाग ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर दोनों एमवीआई को पहले ही निलंबित कर दिया है। विभागीय स्तर पर भी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय ट्रक चालकों का आरोप है कि लंबे समय से इस चेकपोस्ट पर ‘डंडा टैक्स’ के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी, लेकिन डर और दबाव के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था। अब इस कार्रवाई के बाद अन्य पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सबकी नजर अदालत के अगले फैसले और पुलिस जांच पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में और किन-किन लोगों की संलिप्तता सामने आती है और क्या इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सकेगा।

