Sunday, 13 September 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

पश्चिम बंगाल में बढ़ती हिंसा पर सवाल, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमलों को लेकर विरोध तेज

Moutushi · 29 June 2026, 3:49 PM

आसनसोल | विशेष रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों, विशेषकर आसनसोल सहित कई इलाकों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट, सार्वजनिक रूप से रस्सी से बांधकर घुमाने और दुर्व्यवहार की घटनाओं को लेकर अब विरोध तेज हो गया है। इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है।

अधिवक्ता अभिषेक रूइदास ने दर्ज कराई शिकायत

इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता अभिषेक रूइदास ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्ती की मांग

अधिवक्ता ने स्पष्ट रूप से मांग की कि ऐसी घटनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाया गया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

‘न्याय का अधिकार केवल कानून को’

अभिषेक रूइदास ने कहा, “किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार केवल पुलिस और न्यायालय को है। सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करना या हिंसा करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी

इन घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति में भी गर्मी बढ़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

प्रशासन पर बढ़ा दबाव

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द कार्रवाई करे और कानून-व्यवस्था को बनाए रखे।

👉 यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या समाज में कानून का डर कम हो रहा है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस चुनौती से कैसे निपटता है।

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