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आसनसोल-दुर्गापुर

बाली चोरी रोकने और खदान बचाने की मांग पर उग्र आंदोलन, सिटू ने दी 100% हड़ताल की चेतावनी

Moutushi · 30 June 2026, 2:45 PM

आसनसोल | विशेष संवाददाता

आसनसोल के कोयला क्षेत्र में मजदूरों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सीएमएसआई-सिटू के नेतृत्व में मंगलवार को ईसीएल के सोदपुर एरिया कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने वेतन समझौते को लागू करने, बाली (रेत) चोरी रोकने और खदान क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की।

मीनाक्षी मुखर्जी का तीखा हमला

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सिटू की केंद्रीय नेता और माकपा केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा—
“कोयला मजदूरों के लिए हर पांच साल में वेतन समझौता होना अनिवार्य है, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया। यह मजदूरों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है।”

उन्होंने केंद्र सरकार की नई श्रम संहिता पर भी तीखा विरोध जताते हुए कहा कि यह कानून मजदूरों और उद्योग दोनों के लिए नुकसानदेह है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

खदान सुरक्षा पर बड़ा खतरा

सभा को संबोधित करते हुए सीएमएसआई-सिटू के महासचिव मनोज दत्त ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खदान क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि भूमिगत खदानों में नियमानुसार बाली भराई जरूरी है, लेकिन बाली चोरी के कारण यह प्रक्रिया बाधित हो रही है।
“अगर समय पर बाली भराई नहीं हुई तो बड़े पैमाने पर धंसान हो सकता है, जिससे मजदूरों और स्थानीय लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।”

वेतन समझौते पर बढ़ता दबाव

मजदूर नेताओं ने एनसीडब्ल्यू-12 वेतन समझौते को जल्द लागू करने और जेबीसीसीआई समिति के तत्काल गठन की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे कोयला क्षेत्र में 100 प्रतिशत हड़ताल की जाएगी।

आंदोलन का अगला चरण तैयार

सिटू नेतृत्व ने आगामी आंदोलन की रणनीति भी साफ कर दी है—

  • सितंबर तक समाधान नहीं हुआ तो सांकतोड़िया मुख्यालय में विशाल सभा
  • इसके बाद रानीगंज से राजारहाट स्थित कोल इंडिया मुख्यालय तक पदयात्रा
  • और अंत में व्यापक स्तर पर बड़ा आंदोलन

कोयला बेल्ट में बढ़ता असंतोष

ज्ञात हो कि ईसीएल के 14 एरिया में से 6 एरिया में पहले ही इस तरह के प्रदर्शन हो चुके हैं। साथ ही 52 कोलियरियों में पिट मीटिंग और ज्ञापन सौंपकर मजदूरों ने अपनी मांगें पहले ही रखी थीं।

अब मजदूरों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

एकजुटता का आह्वान

सिटू नेताओं ने सभी मजदूरों से अपील की कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहें। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ वेतन की नहीं, बल्कि सुरक्षा और भविष्य की भी है।

⚠️ निष्कर्ष:
आसनसोल का कोयला क्षेत्र एक बार फिर आंदोलन की आग में सुलग रहा है। अगर मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह विरोध बड़ा औद्योगिक संकट बन सकता है।

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