आसनसोल: शहर के प्रमुख बीएनआर मोड़ इलाके में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जीटी रोड स्थित स्टेट बैंक के सामने मौजूद विद्यासागर आर्ट गैलरी को अब नए रूप में सजाकर तैयार किया गया है। रविवार शाम नवनिर्मित और जीर्णोद्धार के बाद तैयार आर्ट गैलरी के उद्घाटन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य की पुर एवं नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल और आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने फीता काटकर गैलरी का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान आसनसोल नगर निगम के प्रशासक सह नगर आयुक्त दिलीप मिश्रा सहित नगर निगम के अधिकारी, स्थानीय प्रतिनिधि और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आर्ट गैलरी परिसर में स्थापित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस मौके पर कला, संस्कृति और शहर के विकास से जुड़े विषयों को लेकर भी चर्चा हुई।
कुछ ही दिनों में बदली आर्ट गैलरी की तस्वीर
विद्यासागर आर्ट गैलरी की पुरानी स्थिति को लेकर जानकारी मिलने के बाद इसके जीर्णोद्धार की पहल की गई। मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि आर्ट गैलरी की स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने आसनसोल नगर निगम के नगर आयुक्त दिलीप मिश्रा को गैलरी की व्यवस्था सुधारने और इसे बेहतर रूप देने का निर्देश दिया।
मंत्री के अनुसार, निर्देश मिलने के बाद नगर निगम की ओर से तेजी से काम किया गया और कुछ ही दिनों में गैलरी का जीर्णोद्धार पूरा कर इसे नए स्वरूप में तैयार किया गया। पुराने स्वरूप की तुलना में अब गैलरी को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है, ताकि यहां कला से जुड़े कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों का आयोजन बेहतर तरीके से किया जा सके।
कलाकारों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच
उद्घाटन कार्यक्रम में अग्निमित्रा पाल ने उम्मीद जताई कि नई साज-सज्जा के बाद विद्यासागर आर्ट गैलरी आसनसोल और पूरे शिल्पांचल के कलाकारों के लिए उपयोगी मंच साबित होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला और प्रतिभा लोगों के सामने प्रस्तुत करने के लिए ऐसे स्थानों की आवश्यकता है।
आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कलाकार मौजूद हैं। चित्रकला, मूर्तिकला, हस्तशिल्प और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए प्रदर्शनी लगाने के लिए उपयुक्त स्थान मिलने से उनकी कला को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। नई गैलरी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण स्थान के रूप में विकसित हो सकती है।
खास बात यह है कि किसी भी शहर की पहचान केवल उसकी सड़कों, बाजारों और इमारतों से नहीं होती, बल्कि उसकी कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां भी उसकी पहचान को मजबूत करती हैं। ऐसे में विद्यासागर आर्ट गैलरी का नया स्वरूप शहर के सांस्कृतिक जीवन को बढ़ावा देने में भूमिका निभा सकता है।
ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा का अनावरण
आर्ट गैलरी के उद्घाटन के साथ ही ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा का अनावरण भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। विद्यासागर का नाम बंगाल के सामाजिक सुधार, शिक्षा और मानवीय मूल्यों के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। ऐसे व्यक्तित्व के नाम पर बनी आर्ट गैलरी में उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने से इस स्थान के सांस्कृतिक महत्व को भी एक नया आयाम मिला है।
प्रतिमा के अनावरण के दौरान उपस्थित लोगों ने इसे शहर के कला और सांस्कृतिक परिवेश से जोड़कर देखा। आने वाले समय में गैलरी में कलाकारों की प्रदर्शनियां, कला संबंधी कार्यक्रम और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होने की संभावना से स्थानीय कला जगत में भी उत्साह है।
विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कही यह बात
उद्घाटन कार्यक्रम में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि राज्य सरकार के सभी विभाग आम लोगों के लिए काम कर रहे हैं और विद्यासागर आर्ट गैलरी का जीर्णोद्धार उसी का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी सार्वजनिक स्थान को बेहतर बनाकर उसे लोगों के उपयोग के लिए तैयार करना शहर के विकास की प्रक्रिया का हिस्सा है।
विधायक के अनुसार, इस तरह के काम से आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी लाभ मिल सकता है। यदि गैलरी में नियमित रूप से कला प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होता है, तो यह स्थान धीरे-धीरे आसनसोल की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
नगर निगम की भूमिका भी चर्चा में
गैलरी के जीर्णोद्धार में आसनसोल नगर निगम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। मंत्री के निर्देश के बाद नगर आयुक्त दिलीप मिश्रा की देखरेख में काम को आगे बढ़ाया गया और कम समय में गैलरी को नए रूप में तैयार किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी ने भी इस परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर दिए गए महत्व को दर्शाया।
अब सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि नवीनीकरण के बाद विद्यासागर आर्ट गैलरी केवल एक सुंदर परिसर बनकर न रह जाए, बल्कि कलाकारों और कला प्रेमियों के लिए नियमित गतिविधियों का केंद्र बने। स्थानीय कलाकारों को यहां अपनी रचनाएं प्रदर्शित करने का अवसर मिले और शहर के लोगों को भी कला से जुड़ने के लिए एक बेहतर सार्वजनिक मंच उपलब्ध हो।
बीएनआर मोड़ जैसे शहर के प्रमुख इलाके में स्थित होने के कारण गैलरी की पहुंच भी महत्वपूर्ण है। यदि यहां नियमित प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, तो शहर के लोग आसानी से इन गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।
आसनसोल में औद्योगिक गतिविधियों के साथ कला और संस्कृति की भी अपनी अलग पहचान रही है। ऐसे में विद्यासागर आर्ट गैलरी का नया रूप शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य को मजबूत करने की दिशा में एक नई शुरुआत माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में इस नए सजे कला केंद्र में कितनी प्रदर्शनियां और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित होती हैं और शिल्पांचल के कलाकार इस मंच का किस तरह उपयोग करते हैं।




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