आसनसोल में हरियाली पर वार! कॉलेज परिसर में 35 पेड़ों की कटाई से मचा बवाल

आसनसोल: पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रहे अभियानों के बीच आसनसोल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बंगाल होम्योपैथिक कॉलेज परिसर में करीब 35 बड़े पेड़ों की कथित रूप से बिना अनुमति कटाई किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

इस घटना को लेकर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।

🌳 हरियाली पर सवाल, जिम्मेदार कौन?

स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि—
👉 इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई बिना किसी अनुमति के कैसे हो सकती है?
👉 अगर अनुमति ली गई थी, तो किस विभाग ने दी?
👉 आखिर इन पेड़ों को काटने की जरूरत क्यों पड़ी?

इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।

🚨 प्रशासनिक लापरवाही या कोई बड़ा कारण?

सूत्रों के अनुसार, कॉलेज परिसर में लंबे समय से हरियाली मौजूद थी, जिसे अचानक हटाए जाने से लोगों में नाराजगी है।
👉 कुछ लोगों का मानना है कि विकास कार्यों के नाम पर पेड़ों की बलि दी गई
👉 वहीं, कई लोग इसे सीधी प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं

🌱 पर्यावरण अभियानों पर उठे सवाल

सरकार जहां एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर वृक्षारोपण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े कर रही हैं।
👉 क्या जमीनी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा?
👉 क्या पर्यावरण संरक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित है?

📢 जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—
✔️ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
✔️ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
✔️ भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

🔍 अब क्या होगा आगे?

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को शिकायत मिलने के बाद—
👉 जांच शुरू होने की संभावना है
👉 संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जा सकता है
👉 यदि अनियमितता पाई गई, तो कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है

📌 निष्कर्ष:

बंगाल होम्योपैथिक कॉलेज में पेड़ों की कटाई का मामला अब पर्यावरण और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

👉 आने वाले दिनों में जांच से सच्चाई सामने आएगी या नहीं, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।
👉 फिलहाल, यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

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