कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नई ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्यबीमा योजना’ की शुरुआत की है। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए लाई गई है, जो केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं आ पाते।
स्वास्थ्य भवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य गंभीर और महंगे इलाज के खर्च से आम लोगों को राहत देना है।
💰 क्या मिलेगा इस योजना में?
👉 प्रत्येक पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
👉 परिवार के हर सदस्य के लिए अलग-अलग कार्ड
👉 पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर
👉 इलाज पूरी तरह कैशलेस—कोई रीइम्बर्समेंट नहीं
👥 कौन उठा सकता है लाभ?
👉 पश्चिम बंगाल के स्थायी निवासी
👉 जो पहले से ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना में शामिल हैं
👉 लेकिन आयुष्मान भारत योजना के पात्र नहीं हैं
❌ कौन नहीं ले पाएगा फायदा?
सरकार ने कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं—
🚫 जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है
🚫 जो सीजीएचएस, ईएसआई या अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े हैं
🚫 सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी या सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े लोग
🚫 नियमित चिकित्सा भत्ता पाने वाले
🚫 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक
हालांकि, जिन लोगों के आवेदन सीएए या एसआईआर ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
📲 डिजिटल सिस्टम पर खास जोर
इस योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है—
✔️ आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
✔️ आभा (ABHA) आईडी का उपयोग
✔️ भर्ती और डिस्चार्ज की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
🏥 पूरे देश में मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि—
👉 इस योजना का लाभ सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में लिया जा सकेगा।
⚖️ क्यों लाई गई यह योजना?
राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद आयुष्मान भारत योजना लागू हुई, लेकिन इसकी पात्रता शर्तों के कारण कई लोग इससे बाहर रह गए।
👉 इन्हीं लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए यह नई योजना शुरू की गई है।
📢 क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि—
👉 यह योजना मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है
👉 महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा
👉 निजी अस्पतालों में इलाज का रास्ता आसान होगा
📌 निष्कर्ष:
‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्यबीमा योजना’ पश्चिम बंगाल के लाखों परिवारों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बन सकती है।
👉 हालांकि, सख्त पात्रता शर्तों के कारण यह जरूरी है कि लोग पहले अपनी योग्यता जांच लें।
➡️ आने वाले समय में यह योजना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।

