आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दिन हुई एक हिंसक घटना ने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल के काफिले पर हुए हमले को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जो अब मानहानि तक पहुंच गया है।
⚠️ वोटिंग के दिन हमला, बाल-बाल बचीं उम्मीदवार
जानकारी के मुताबिक, मतदान के दौरान अग्निमित्रा पाल के काफिले पर अचानक हमला किया गया। इस हमले में उनकी जान किसी तरह बच गई, लेकिन उनका वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने गाड़ी पर पत्थर और लाठियों से वार किया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के तुरंत बाद अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं का हाथ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
🗣️ तृणमूल का पलटवार, आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सोहराब अली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा,
“इस घटना में मेरे भतीजे या हमारे किसी कार्यकर्ता का कोई हाथ नहीं है। यह पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप हैं।”
⚖️ मानहानि का दावा करेंगे सोहराब अली
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब सोहराब अली ने ऐलान किया कि वे अग्निमित्रा पाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। उनका कहना है कि इन आरोपों से उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
🔥 सियासी घमासान तेज, इलाके में तनाव
घटना के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और तृणमूल दोनों ही एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है।
👮 जांच में जुटा प्रशासन
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।
🔍 बड़ा सवाल
👉 क्या यह सच में राजनीतिक हिंसा का मामला है?
👉 या फिर चुनावी माहौल में आरोपों का खेल?
फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि आसनसोल की यह घटना चुनावी सियासत में बड़ा मुद्दा बन चुकी है।














