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आसनसोल-दुर्गापुर

१४०० यूनिट रक्त संग्रह पर आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी सम्मानित, सुरजीत सिंह मक्कड़ को मिला विशेष सम्मान

Moutushi · 3 September 2026, 10:01 AM

आसनसोल: जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराने और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किए जा रहे प्रयासों को बड़ी पहचान मिली है। संस्था की ओर से अब तक १४०० यूनिट रक्त संग्रह किए जाने के अवसर पर फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गेनाइजेशन, पश्चिम बंगाल की ओर से संस्था को सम्मानित किया गया। रक्तदान के क्षेत्र में इस उपलब्धि को सामाजिक सेवा और मानवीय जिम्मेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरजीत सिंह मक्कड़ को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया। उनके कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान रक्तदान आंदोलन से जुड़े प्रवीर धर ने उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के महत्व, नियमित रक्तदान की आवश्यकता और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाने में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

१४०० यूनिट रक्त संग्रह बनी बड़ी उपलब्धि

रक्तदान किसी भी समाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानवीय सेवाओं में से एक माना जाता है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव, शल्य चिकित्सा, रक्त संबंधी बीमारियों और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में अस्पतालों और रक्त बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध होना बेहद जरूरी होता है।

आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी की ओर से १४०० यूनिट रक्त संग्रह किया जाना इसी सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में किए गए निरंतर प्रयास का परिणाम बताया गया। संस्था से जुड़े लोगों का मानना है कि रक्तदान केवल एक व्यक्ति की मदद नहीं करता, बल्कि किसी परिवार को संकट की घड़ी में बड़ी राहत दे सकता है।

रक्त की एक यूनिट कई परिस्थितियों में मरीजों के उपचार में उपयोगी साबित हो सकती है। इसलिए रक्तदान को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक स्वस्थ लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए प्रेरित करना समाज के लिए बेहद जरूरी है।

सुरजीत सिंह मक्कड़ को मिला विशेष सम्मान

संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरजीत सिंह मक्कड़ को उनके कार्यालय में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। रक्तदान के क्षेत्र में संस्था की गतिविधियों और १४०० यूनिट रक्त संग्रह के योगदान को देखते हुए फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गेनाइजेशन, पश्चिम बंगाल की ओर से यह सम्मान दिया गया।

सम्मान के दौरान रक्तदान आंदोलन से जुड़े प्रवीर धर ने सुरजीत सिंह मक्कड़ को सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर रक्तदान को केवल किसी एक संस्था का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

सामाजिक संगठनों द्वारा किए जाने वाले ऐसे प्रयासों से लोगों के बीच यह संदेश पहुंचता है कि रक्तदान के लिए किसी विशेष अवसर का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। जरूरतमंद मरीजों की मदद के उद्देश्य से नियमित रूप से रक्तदान किया जा सकता है।

समय पर रक्त मिलना क्यों है इतना जरूरी?

अस्पतालों में भर्ती कई मरीजों के उपचार में रक्त की आवश्यकता अचानक सामने आती है। किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति हो या गंभीर बीमारी से जूझ रहा मरीज, समय पर रक्त नहीं मिलने की स्थिति उपचार को प्रभावित कर सकती है।

कई बार मरीज के परिवार को आपातकाल में रक्त की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में रक्तदान शिविरों के माध्यम से पहले से रक्त संग्रह किया जाना बेहद उपयोगी साबित होता है। सामाजिक संस्थाओं और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की सक्रियता इस व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसी वजह से आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किए गए रक्त संग्रह को केवल एक आंकड़े के रूप में नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के लिए तैयार की गई सामाजिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है।

रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

सम्मान समारोह के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि समाज में रक्तदान को लेकर मौजूद कई तरह की भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत है। स्वस्थ और योग्य व्यक्ति चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान से पहले आवश्यक स्वास्थ्य जांच भी की जाती है, जिससे रक्तदाता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विशेषज्ञों और रक्तदान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं का लगातार प्रयास रहता है कि लोगों को रक्तदान के वैज्ञानिक और मानवीय महत्व के बारे में सही जानकारी दी जाए। युवाओं को इस अभियान से जोड़ना भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता किसी भी क्षेत्र की रक्त व्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

सामाजिक संस्थाओं की भूमिका बेहद अहम

रक्त की जरूरत किसी एक समुदाय, वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। जरूरत पड़ने पर किसी भी परिवार को रक्त की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए रक्तदान को सामाजिक एकजुटता का माध्यम भी माना जाता है।

आसनसोल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न इलाकों में रहते हैं और काम करते हैं। ऐसे क्षेत्र में नियमित रक्तदान अभियान चलाना और लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना जरूरतमंद मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है।

आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी की ओर से १४०० यूनिट रक्त संग्रह इसी दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आया है। संस्था को मिला सम्मान रक्तदान से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के लिए भी प्रोत्साहन माना जा रहा है।

सम्मान से बढ़ेगा रक्तदान अभियान का उत्साह

फेडरेशन ऑफ ब्लड डोनर ऑर्गेनाइजेशन, पश्चिम बंगाल की ओर से मिला सम्मान संस्था के लिए उपलब्धि के साथ-साथ भविष्य में और बड़े स्तर पर रक्तदान अभियान चलाने की प्रेरणा भी बन सकता है। उम्मीद है कि इस तरह के सामाजिक प्रयासों से और अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान से जुड़ेंगे।

रक्तदान का महत्व केवल अस्पताल की जरूरत पूरी करने तक सीमित नहीं है। यह समाज में मानवीय सहयोग और आपसी जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी अनजान परिवार के लिए मुश्किल समय में उम्मीद बन सकता है।

आसनसोल सिख वेलफेयर सोसाइटी की १४०० यूनिट रक्त संग्रह की उपलब्धि इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है। संस्था को मिला सम्मान यह संदेश भी देता है कि सामाजिक संगठनों, रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयास से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता को और मजबूत किया जा सकता है। आने वाले समय में यदि ऐसे अभियान लगातार जारी रहते हैं, तो आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को और व्यापक बनाने में मदद मिल सकती है।

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