आसनसोल, 11 जुलाई: आसनसोल के चंदा स्थित आसनसोल नॉर्थ प्वाइंट स्कूल में शनिवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने अनोखे तथा नवाचार से भरपूर मॉडल प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।
🤖 नन्हे छात्रों ने दिखाया बड़ा हुनर
👉 प्रदर्शनी में छात्रों ने AI और रोबोटिक्स से जुड़े कई आकर्षक प्रोजेक्ट्स पेश किए
👉 छोटे-छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ छात्रों तक ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया
👉 कई मॉडलों में स्मार्ट होम सिस्टम, ऑटोमेटिक रोबोट, सेंसर आधारित सुरक्षा प्रणाली और पर्यावरण से जुड़े समाधान शामिल थे
🎉 भव्य उद्घाटन, कई विशिष्ट अतिथि रहे मौजूद
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन स्कूल के संस्थापक एवं चेयरमैन सचिंद्रनाथ रॉय, प्राचार्य राजीव शॉ तथा विशिष्ट अतिथियों दीपक कुमार रुद्र, समीर कुमार चौधरी और जयंती चौधरी की उपस्थिति में किया गया।
👉 अतिथियों ने सभी स्टॉलों का दौरा किया
👉 छात्रों से सीधे बातचीत की
👉 उनके प्रयासों और रचनात्मकता की जमकर सराहना की

🧠 तकनीक के साथ रचनात्मकता का संगम
👉 छात्रों ने अपने मॉडल के माध्यम से—
✔️ वैज्ञानिक सोच
✔️ समस्या समाधान की क्षमता
✔️ तकनीकी समझ
का शानदार प्रदर्शन किया
👉 कई प्रोजेक्ट्स ऐसे थे जो—
👉 रोजमर्रा की समस्याओं का तकनीकी समाधान प्रस्तुत करते थे
🗣️ अतिथियों ने की सराहना
विशिष्ट अतिथियों ने कहा—
👉 “आज के छात्र ही कल के वैज्ञानिक और इनोवेटर हैं”
👉 “AI और रोबोटिक्स भविष्य की दिशा तय करेंगे”
उन्होंने छात्रों को नई तकनीकों को सीखने और प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
👨👩👧 अभिभावकों और आगंतुकों की शानदार प्रतिक्रिया
👉 प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक और आगंतुक पहुंचे
👉 सभी ने छात्रों के काम की सराहना की
👉 कई अभिभावकों ने कहा कि—
👉 इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को बढ़ाते हैं
📈 शिक्षा में नई दिशा
👉 यह आयोजन दिखाता है कि—
👉 स्कूल अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ तकनीक आधारित शिक्षा पर भी जोर दे रहे हैं
👉 इससे छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है
✨ निष्कर्ष
आसनसोल नॉर्थ प्वाइंट स्कूल की यह AI और रोबोटिक्स प्रदर्शनी—
👉 नवाचार, तकनीक और रचनात्मकता का शानदार संगम रही
👉 इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि—
👉 अगर सही मार्गदर्शन मिले, तो छोटे-छोटे बच्चे भी बड़े-बड़े आविष्कार कर सकते हैं।


