आसनसोल: धार्मिक स्थलों की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए घाघुरबुड़ी मंदिर परिसर को अब आधिकारिक रूप से ‘नो स्मोकिंग ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है। यह घोषणा पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने की, जिन्होंने इस दौरान सख्त संदेश भी दिया।
🚭 मंदिर परिसर में सख्ती
👉 मंत्री अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट कहा—
- मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
- नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
❌ गुटखा और पान की पीक पर भी रोक
👉 सिर्फ धूम्रपान ही नहीं—
- गुटखा खाने के बाद पीक फेंकना भी पूरी तरह बैन
- मंदिर परिसर में गंदगी फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
👉 मंत्री ने कहा—
“मंदिर की पवित्रता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
🙏 लोगों से अपील
👉 श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया—
- मंदिर की स्वच्छता और पवित्रता का ध्यान रखें
- नियमों का पालन कर धार्मिक माहौल बनाए रखें
🧹 स्वच्छता अभियान को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है—
👉 इस फैसले से न केवल मंदिर परिसर साफ-सुथरा रहेगा
👉 बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी
👮 प्रशासन की नजर
👉 सूत्रों के अनुसार—
- मंदिर परिसर में निगरानी बढ़ाई जाएगी
- जरूरत पड़ने पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है
⚠️ सख्त चेतावनी
👉 मंत्री ने साफ कहा—
- नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं दी जाएगी
- यह कदम धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी है
🌟 एक नई पहल
👉 यह पहल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है
👉 जिससे पूरे क्षेत्र में स्वच्छता और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा
👉 आसनसोल का घाघुरबुड़ी मंदिर अब सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि स्वच्छता और अनुशासन का भी प्रतीक बनने की ओर बढ़ रहा है।

