आसनसोल, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : दुर्गा पूजा २०२६ के समापन के साथ ही आसनसोल में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। दामोदर नदी घाट पर मां दुर्गा को अंतिम विदाई देने के लिए पूजा समितियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही देखने को मिली। एक ओर विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी, तो दूसरी ओर मां को विदा करते समय कई श्रद्धालु भावुक नजर आए। भक्तों के मन में अगले वर्ष फिर मां के आगमन की उम्मीद थी। इसी भावना के साथ लोगों ने प्रार्थना की कि मां दुर्गा अगले साल दोबारा आएं और सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।
दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूजा के दिनों में पंडालों में उमड़ने वाली भीड़, परिवारों और दोस्तों के साथ उत्सव मनाने की खुशी तथा मां दुर्गा के दर्शन की उत्सुकता के बाद विसर्जन का समय कई लोगों के लिए भावुक पल लेकर आता है। मां की विदाई के साथ उत्सव का समापन होता है, लेकिन श्रद्धालुओं के मन में अगले वर्ष की पूजा की प्रतीक्षा शुरू हो जाती है।
दामोदर नदी घाट पर विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम
दुर्गा पूजा २०२६ के विसर्जन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए आसनसोल नगर निगम की ओर से विशेष तैयारियां की गईं। नगर निगम ने दामोदर नदी घाट पर प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए आवश्यक व्यवस्था की, ताकि पूजा समितियों को प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने बताया कि दामोदर नदी घाट पर प्रतिमा विसर्जन के लिए ट्रॉली सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से मां दुर्गा की प्रतिमाओं को नदी तक ले जाकर विसर्जित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।
कमिश्नर के अनुसार, दामोदर नदी घाट पर १०० से अधिक दुर्गा पूजा समितियां प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंचती हैं। इतनी बड़ी संख्या में समितियों के आने के कारण व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। नगर निगम की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि विसर्जन के दौरान पूजा समितियों को आवश्यक सहयोग मिले और पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़े।
ट्रॉली सिस्टम से प्रतिमाओं को नदी तक ले जाने की व्यवस्था
विसर्जन के दौरान प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से नदी तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दामोदर नदी घाट पर ट्रॉली सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए मां दुर्गा की प्रतिमाओं को नदी तक ले जाकर विसर्जन किया जा रहा है।
आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी या अप्रिय घटना से बचाव करना है। बड़ी प्रतिमाओं को नदी तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने में इस तरह की व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
विसर्जन के समय श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होता है। ऐसे में नगर निगम की ओर से किए गए इंतजामों के साथ संबंधित कर्मियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही।
नगर निगम के अधिकारी, पुलिस और सिविल डिफेंस टीम तैनात
दामोदर नदी घाट पर विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसनसोल नगर निगम के अधिकारियों को तैनात किया गया। इसके साथ ही पुलिसकर्मी और सिविल डिफेंस टीम के सदस्य भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने बताया कि नगर निगम की ओर से यह ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी पूजा समिति को प्रतिमा विसर्जन के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो। घाट पर विभिन्न समितियों के पहुंचने के बीच समुचित तालमेल बनाए रखना और विसर्जन की प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करना प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
पुलिसकर्मियों और सिविल डिफेंस टीम की मौजूदगी से घाट पर आवश्यक निगरानी बनाए रखने में मदद मिलती है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य पूजा समितियों को व्यवस्था से संबंधित सहयोग उपलब्ध कराना है। विसर्जन जैसे अवसर पर श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा और अनुशासन का महत्व और बढ़ जाता है।
मां की विदाई पर भावुक हुए श्रद्धालु
दामोदर नदी घाट पर प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान धार्मिक आस्था और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। पूजा के दिनों में मां दुर्गा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विदाई का क्षण सहज नहीं होता। मां की प्रतिमा के विसर्जन के साथ पूजा का औपचारिक समापन होता है, लेकिन भक्तों की आस्था बनी रहती है।
श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। मां की विदाई के समय आंखों में आंसू और मन में फिर से आगमन की उम्मीद दुर्गा पूजा की उस परंपरा को दर्शाती है, जिसमें विदाई के साथ ही अगले उत्सव की प्रतीक्षा शुरू हो जाती है।
आने वाले दिनों में भी जनहित के कार्यक्रम करेगी नगर निगम
आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में नगर निगम की ओर से आसनसोल के लोगों के हित में कई अन्य कार्यक्रम किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने इन आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
फिलहाल, दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ आसनसोल में दुर्गा पूजा २०२६ का उत्सवी दौर समाप्ति की ओर बढ़ा। दामोदर नदी घाट पर ट्रॉली सिस्टम, नगर निगम के अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और सिविल डिफेंस टीम की तैनाती के जरिए विसर्जन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया। मां दुर्गा को विदाई देते हुए श्रद्धालुओं की प्रार्थना एक ही रही—मां अगले वर्ष फिर आएं और सबके जीवन में सुख, शांति और खुशहाली लेकर आएं।




Leave a Reply