आसनसोल के सुप्रसिद्ध व्यवसायी एवं आरती ग्रुप के पार्टनर पन्नालाल चौरसिया का मंगलवार शाम निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे आसनसोल सहित व्यापारिक और सामाजिक जगत में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
😢 शहर में शोक की लहर
जैसे ही उनके निधन की खबर फैली—
👉 व्यापारिक संगठनों में शोक छा गया
👉 सामाजिक संस्थाओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की
👉 उनके शुभचिंतकों और परिचितों में दुःख की लहर दौड़ गई
🌟 संघर्ष से बनाई पहचान
पन्नालाल चौरसिया का जीवन एक प्रेरणा था—
👉 उन्होंने बेहद साधारण स्तर से अपने व्यवसाय की शुरुआत की
👉 मेहनत, ईमानदारी और लगन से अपने परिवार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया
👉 अपने भाई मोतीलाल चौरसिया और पूरे परिवार को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई
उनका नाम शहर के सम्मानित और विश्वसनीय व्यवसायियों में लिया जाता था
🤝 सरल स्वभाव और सामाजिक छवि
पन्नालाल चौरसिया—
👉 अपने मिलनसार और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे
👉 समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ उनका जुड़ाव था
👉 सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी
इसी कारण उन्हें समाज में अत्यधिक सम्मान प्राप्त था।
👨👩👧👦 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
उनके परिवार में—
- पत्नी
- दो पुत्र
- एक पुत्री
- दो बहुएं
- दो पोते और एक पोती
हैं। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

🕊️ शोक संदेश
शहर के विभिन्न संगठनों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा—
“अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि श्री पन्नालाल चौरसिया जी का स्वर्गवास हो गया। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति 🙏”
🔍 क्यों खास थे पन्नालाल चौरसिया?
👉 उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि मेहनत और ईमानदारी से सफलता हासिल की जा सकती है
👉 उन्होंने सिर्फ व्यवसाय ही नहीं, बल्कि समाज में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई
⚠️ निष्कर्ष
पन्नालाल चौरसिया का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि—
👉 आसनसोल के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र के एक मजबूत स्तंभ का खो जाना है।
उनकी यादें, उनके आदर्श और उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।















