दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दुर्गापुर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों सुकांत मजूमदार और गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों, खासकर तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं के तीखे बयानों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता शांतिप्रिय और सभ्य जरूर हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर हथियार उठाना भी जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष यह मानता है कि राजनीतिक फैसला मतदान केंद्रों के बजाय सड़कों पर होगा, तो सड़क पर भाजपा का मुकाबला करना उसके लिए आसान नहीं होगा।
भाजपा का यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पदयात्रा के जरिए पार्टी ने अपनी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक सक्रियता दिखाने की कोशिश भी की। दुर्गापुर के भिरिंगी मोड़ से प्रांतिक पांचमाथा मोड़ तक निकाली गई इस पदयात्रा में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए।
सुकांत मजूमदार के बयान से गरमाई बंगाल की राजनीति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि भाजपा के लोग भद्र और सभ्य हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा, “हम जैसे भद्र हैं, सभ्य हैं, जरूरत पड़ने पर हथियार उठाना भी जानते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर विपक्ष यह सोचता है कि लोकतांत्रिक लड़ाई का फैसला बैलेट से नहीं, बल्कि सड़क पर होगा, तो उसे यह समझ लेना चाहिए कि भाजपा भी मुकाबला करना जानती है। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनका संबोधन मुख्य रूप से राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और भाजपा-तृणमूल के बीच जारी टकराव पर केंद्रित रहा।

ममता बनर्जी पर तंज, तृणमूल और माकपा के रिश्तों पर सवाल
सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए उनके पुराने राजनीतिक अंदाज का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय ममता बनर्जी की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाकर उन्हें ‘बंगाल की बाघिन’ के रूप में पेश किया जाता था। इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि बाघ हिरण का शिकार करता है, जबकि बिल्ली कॉकरोच खाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब वही बाघिन कॉकरोच पकड़ने दिल्ली चली गई हैं।
केंद्रीय मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच कथित राजनीतिक नजदीकियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का राजनीतिक उत्थान उस समय हुआ था, जब वह माकपा के खिलाफ आंदोलन कर रही थीं। लेकिन आज राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत और नजदीकी दिखाई दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच राजनीतिक समझ विकसित हो रही है और इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना है। भाजपा नेता ने इस कथित राजनीतिक समीकरण को अवसरवादी गठबंधन करार देते हुए विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े किए।

बंगाल की सड़कों पर अब पहले जैसी स्थिति नहीं: सुकांत
अपने भाषण में सुकांत मजूमदार ने राज्य में पहले के राजनीतिक संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सड़कों पर लुंगी वाहिनी का दबदबा दिखाई देता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उनके मुताबिक, बंगाल के लोग अब राजनीतिक घटनाक्रम को समझते हैं और जरूरत पड़ने पर जवाब देना जानते हैं।
उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार रहने का संदेश देने की कोशिश की। उनके बयानों से साफ दिखाई दिया कि भाजपा राज्य में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को और आक्रामक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी और ममता बनर्जी को घेरा
कार्यक्रम में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने भी विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे, सड़क, विमानन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार से देश की तस्वीर बदल रही है। वहीं, विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने ही भ्रष्ट लोगों को वोट देना बंद कर दिया है।
गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, देश की सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इन मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

कई मंत्री, सांसद और विधायक हुए शामिल
दुर्गापुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, मंत्री दूधकुमार मंडल और कलिता माझी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा सांसद सौमित्र खान, दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई सहित राढ़ बंगाल क्षेत्र के कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। पदयात्रा में शामिल भाजपा समर्थकों ने पार्टी के झंडे और नारों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भिरिंगी मोड़ से प्रांतिक पांचमाथा मोड़ तक निकाली गई इस पदयात्रा के जरिए भाजपा ने दुर्गापुर और आसपास के क्षेत्रों में अपनी संगठनात्मक सक्रियता प्रदर्शित की।
पदयात्रा के जरिए भाजपा का राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक जानकारों की नजर में दुर्गापुर का यह कार्यक्रम कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे समय में केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में दुर्गापुर में ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित करना भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
एक तरफ भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और विपक्षी दलों पर लोकतंत्र, सुरक्षा और राजनीतिक गठबंधन को लेकर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार के विकास कार्यों को जनता के सामने रखने की कोशिश की। अब देखना होगा कि भाजपा का यह अभियान आने वाले दिनों में राढ़ बंगाल और पश्चिम बर्दवान की राजनीति पर कितना प्रभाव डालता है।




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