Tuesday, 3 November 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

दुर्गापुर के होटलों में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़! फ्रिज में इंसानों के खाने के साथ रखा था कुत्तों का भोजन

Moutushi · 3 November 2026, 3:27 PM

दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: होटल और रेस्तरां में खाना खाते समय ग्राहक आमतौर पर यही उम्मीद करते हैं कि उन्हें साफ-सुथरा और ताजा भोजन परोसा जाएगा। लेकिन पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित मुचिपाड़ा इलाके में होटलों की जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने इस भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां खाद्य सुरक्षा विभाग, दुर्गापुर नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई होटलों में छापेमारी की। इस दौरान रसोई और खाद्य सामग्री रखने वाले स्थानों से बासी, पुराने और सड़े-गले खाद्य पदार्थ बरामद किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस फ्रिज में इंसानों के खाने-पीने की सामग्री रखी गई थी, उसी में कुत्तों का भोजन भी रखा मिला।

इस कार्रवाई के बाद मुचिपाड़ा इलाके के होटल व्यवसायियों और ग्राहकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। जांच के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं ने भोजन की गुणवत्ता, रसोई की सफाई और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

चिकन पर फंगस, पनीर पर जमी थी फफूंदी की परत

संयुक्त टीम जब होटलों की रसोई और खाद्य सामग्री रखने वाले स्थानों की जांच कर रही थी, तब कई गंभीर खामियां सामने आईं। कहीं चिकन पर फंगस लगा हुआ था, तो कहीं पनीर पर फफूंदी की परत जमी हुई मिली। इसके अलावा कई दिनों से रखे गए मसाले, बासी चावल, पुरानी सब्जियां और चना मसाला सहित कई अन्य खाद्य पदार्थ भी बरामद किए गए।

खाद्य पदार्थों की स्थिति देखकर अधिकारियों ने होटल प्रबंधन के सामने नाराजगी जताई। जांच के दौरान यह भी देखा गया कि खाद्य सामग्री को किस तरह रखा जा रहा था और रसोई में साफ-सफाई के नियमों का कितना पालन किया जा रहा था। खाने की चीजों में फफूंदी और खराब होने के संकेत मिलना ग्राहकों की सेहत के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।

इंसानों के खाने वाले फ्रिज में मिला कुत्तों का भोजन

इस पूरी कार्रवाई में सबसे हैरान करने वाला मामला फ्रिज में कुत्तों का भोजन रखे जाने का था। अधिकारियों ने पाया कि इंसानों के खाने-पीने के लिए इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री और कुत्तों का भोजन एक ही फ्रिज में रखा गया था। खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की बुनियादी सावधानी का इस तरह उल्लंघन होना जांच टीम के लिए चिंता का विषय बना।

खाद्य पदार्थों और पालतू जानवरों के भोजन को एक साथ रखने से स्वच्छता और संभावित दूषण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर होटल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों के भोजन को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग भंडारण व्यवस्था और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि कुत्तों के भोजन को इंसानों के खाने से पूरी तरह अलग रखा जाए।

खाद्य पदार्थों पर तारीख और जरूरी टैग भी नहीं मिले

जांच के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कई होटलों में लंबे समय से खाद्य पदार्थ रखे हुए थे, लेकिन उन पर न तो निर्धारित तारीख दर्ज थी और न ही जरूरी टैग लगाए गए थे। इस वजह से यह पता लगाना मुश्किल था कि कौन-सा भोजन किस दिन तैयार किया गया और उसे कितने समय से सुरक्षित रखा गया है।

होटलों में खाद्य सामग्री का भंडारण करते समय उसकी पहचान, तैयारी की तारीख और उपयोग की अवधि का रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसा नहीं होने पर पुरानी और नई सामग्री के बीच अंतर करना कठिन हो सकता है। यदि बिना जांच के पुराने खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जाए, तो ग्राहकों को दूषित या खराब भोजन परोसे जाने की आशंका बनी रहती है।

बच्चों और आम ग्राहकों की सेहत पर मंडरा सकता है खतरा

अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की स्थिति और रसोई की अव्यवस्था को देखते हुए चिंता जताई कि यदि ऐसे बासी या दूषित खाद्य पदार्थ ग्राहकों को परोसे जाते हैं, तो उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए खराब भोजन विशेष रूप से जोखिम भरा हो सकता है।

फफूंदी लगे खाद्य पदार्थ, लंबे समय तक अनुचित तरीके से रखी गई सामग्री और अस्वच्छ भंडारण व्यवस्था खाद्य जनित बीमारियों का कारण बन सकती है। ऐसे भोजन के सेवन से पेट संबंधी परेशानी, उल्टी-दस्त और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए होटल संचालकों के लिए केवल स्वाद पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

होटल प्रबंधन को फटकार, नियमों का पालन करने का निर्देश

रसोई की गंदगी और खाद्य पदार्थों को अस्वास्थ्यकर तरीके से रखने की स्थिति देखकर संयुक्त टीम ने होटल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, रसोई की नियमित सफाई और खाने-पीने की वस्तुओं को उचित तरीके से रखने का निर्देश दिया। साथ ही कुत्तों के भोजन को इंसानों के भोजन से अलग रखने पर विशेष जोर दिया गया।

मुचिपाड़ा में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर याद दिलाती है कि होटल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता केवल ग्राहकों की पसंद का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ग्राहक जब किसी होटल में खाना खाते हैं, तो वे वहां की रसोई और भंडारण व्यवस्था पर भरोसा करते हैं। ऐसे में उस भरोसे को बनाए रखने की जिम्मेदारी होटल संचालकों की है।

इस संयुक्त छापेमारी के बाद अब इलाके के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसी जांच आगे भी जारी रहेगी। वहीं, होटल संचालकों के लिए यह कार्रवाई एक चेतावनी है कि ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

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