दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। न्यू टाउनशिप थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक दवा दुकान के मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर से 285 बोतल कोडीन फॉस्फेट युक्त फेंसिडिल सिरप, प्रतिबंधित टैबलेट और गांजे के कई पैकेट बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले और प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सुदीप मुखर्जी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह दवा की दुकान चलाता है। ऐसे में उसके घर से इतनी बड़ी संख्या में फेंसिडिल की बोतलें और अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच का मुख्य पहलू यह है कि ये पदार्थ उसके पास कहां से आए और इन्हें किस उद्देश्य से जमा करके रखा गया था।
गुप्त सूचना के आधार पर घर में हुई छापेमारी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात न्यू टाउनशिप थाना पुलिस को फूलझोड़ इलाके में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के भंडारण को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद फूलझोड़ मोड़ से स्टील पार्क मोड़ के बीच स्थित सुदीप मुखर्जी के घर पर छापेमारी की गई।
पुलिस टीम ने घर की तलाशी ली तो वहां से बड़ी मात्रा में संदिग्ध प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। तलाशी के दौरान कुल 285 बोतल फेंसिडिल सिरप, बड़ी संख्या में प्रतिबंधित टैबलेट और गांजे के कई पैकेट मिलने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है। इसके बाद सुदीप मुखर्जी को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया।
285 बोतल फेंसिडिल की बरामदगी से बढ़े सवाल
इस कार्रवाई में सबसे अधिक चर्चा 285 बोतल फेंसिडिल सिरप की बरामदगी को लेकर हो रही है। पुलिस के अनुसार, जब्त सिरप में कोडीन फॉस्फेट मौजूद है। कोडीन युक्त कफ सिरप का उपयोग चिकित्सकीय जरूरतों के लिए निर्धारित नियमों और निगरानी के तहत किया जाता है। लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नशीले पदार्थ के रूप में भी किया जा सकता है। इसी कारण ऐसी दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण पर संबंधित नियमों के तहत नियंत्रण रखा जाता है।
किसी व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी मात्रा में फेंसिडिल की बोतलें मिलने पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इनका भंडारण किस वजह से किया गया था। क्या ये दवाएं वैध तरीके से खरीदी गई थीं या इनके पीछे कोई अवैध आपूर्ति व्यवस्था काम कर रही थी? क्या प्रतिबंधित टैबलेट और गांजे के पैकेट भी इसी नेटवर्क का हिस्सा हैं? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
पुलिस हिरासत में आरोपी, आपूर्ति के स्रोत की होगी जांच
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी कमिश्नर (ईस्ट) रासप्रीत सिंह ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि फूलझोड़ इलाके में छापेमारी कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से लगभग 285 बोतल कोडीन फॉस्फेट युक्त फेंसिडिल सिरप और प्रतिबंधित टैबलेट जब्त की गई हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर मामले की जांच की जाएगी।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद सामग्री की खरीद कहां से की गई थी और क्या इसके वितरण में अन्य लोग भी शामिल हैं। इसके लिए आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ जब्त सामग्री से जुड़े दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। हालांकि, गांजे की बरामदगी और अन्य सभी पहलुओं को लेकर विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
दवा कारोबार की आड़ में अवैध भंडारण की आशंका की भी जांच
इस घटना ने दवा कारोबार और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के भंडारण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दवा दुकान का मालिक होने के कारण आरोपी के पास दवाओं की उपलब्धता और खरीद-बिक्री से संबंधित जानकारी होना स्वाभाविक है। लेकिन किसी दवा का वैध कारोबार करना और प्रतिबंधित पदार्थों का अवैध भंडारण करना दो अलग-अलग बातें हैं। पुलिस इसी अंतर को ध्यान में रखते हुए बरामद सामग्री के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है।
फिलहाल इस मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। यह भी जांच का विषय है कि बरामद सामग्री केवल घर में जमा की गई थी या इसे आसपास के इलाकों में पहुंचाने की तैयारी थी। पुलिस जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
दुर्गापुर में हुई इस छापेमारी को नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर ही पूरे नेटवर्क के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुदीप मुखर्जी के घर में इतनी बड़ी मात्रा में फेंसिडिल, प्रतिबंधित टैबलेट और गांजा किस उद्देश्य से रखा गया था।




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