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आसनसोल-दुर्गापुर

रेलवे कर्मचारियों के बोनस पर भड़का बीएमएस, आसनसोल डीआरएम कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन

Moutushi · 31 October 2026, 9:50 AM

आसनसोल, पश्चिम बर्दवान, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: रेलवे कर्मचारियों के बोनस, वेतनमान और आर्थिक अधिकारों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) तथा पूर्वी रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) ने आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में 22 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक विभिन्न रेलवे मंडल कार्यालयों में मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के तहत आसनसोल रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में भी संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रेलवे कर्मचारियों को वर्तमान महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत के अनुरूप आर्थिक लाभ मिलना चाहिए।

बीएमएस और पीआरकेएस की ओर से बोनस की मौजूदा राशि में बढ़ोतरी, आठवें वेतन आयोग के तहत बेहतर वेतन निर्धारण तथा अंतरिम राहत देने की मांग प्रमुखता से रखी गई। संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि रेलवे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने का दावा करने वाली मान्यता प्राप्त यूनियनों की विफलता के कारण कर्मचारियों को लंबे समय से उचित आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।

दस वर्षों से बोनस राशि में बढ़ोतरी नहीं होने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों को फिलहाल 17,951 रुपये बोनस मिल रहा है। उनका दावा है कि पिछले लगभग दस वर्षों से बोनस की राशि में कोई वास्तविक बढ़ोतरी नहीं हुई है। संगठन की मांग है कि कर्मचारियों को 46,800 रुपये बोनस दिया जाना चाहिए, ताकि बोनस की राशि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और कर्मचारियों की जरूरतों के अनुरूप हो सके।

बीएमएस-पीआरकेएस के प्रतिनिधियों ने इस स्थिति के लिए रेलवे की दो मान्यता प्राप्त यूनियनों एआईआरएफ और एनएफआईआर को जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एआईआरएफ और एनएफआईआर कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रही हैं। संगठन के वक्ताओं ने एआईआरएफ को वामपंथी विचारधारा से जुड़ा और एनएफआईआर को कांग्रेस समर्थित यूनियन बताते हुए कहा कि इन दोनों संगठनों के कारण कर्मचारियों की बोनस संबंधी मांग लंबे समय से पूरी नहीं हो सकी है। ये संगठन के पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोप हैं।

आठवें वेतन आयोग में 69 हजार रुपये न्यूनतम मूल वेतन की मांग

प्रदर्शन में आठवें वेतन आयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि आठवें वेतन आयोग की घोषणा हो चुकी है, लेकिन अब तक वेतन निर्धारण के लिए वेतन सीमा और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर स्पष्टता नहीं आई है। ऐसे में रेलवे कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

बीएमएस-पीआरकेएस की मांग है कि आठवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन तय करते समय 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए। संगठन के अनुसार, इस आधार पर न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये होना चाहिए। पदाधिकारियों का कहना है कि वेतन निर्धारण ऐसा होना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के बीच वास्तविक आर्थिक राहत मिल सके।

आठवें वेतन आयोग से पहले 30 प्रतिशत अंतरिम राहत की मांग

संगठन ने यह भी मांग की कि जब तक आठवां वेतन आयोग पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक सभी रेलवे कर्मचारियों को 30 प्रतिशत अंतरिम राहत दी जाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरतों पर होने वाला खर्च भी कर्मचारियों के बजट पर दबाव डाल रहा है।

ऐसी परिस्थिति में वेतन आयोग की प्रक्रिया पूरी होने तक कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना जरूरी है। संगठन का कहना है कि अंतरिम राहत से कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी और वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे। कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध कराने के लिए समय पर उचित वित्तीय लाभ मिलना चाहिए।

पदाधिकारियों ने एआईआरएफ और एनएफआईआर पर साधा निशाना

आसनसोल रेल मंडल के बीएमएस के मंडल मंत्री विक्रम मंडल ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि बोनस और वेतन आयोग से जुड़े मुद्दों पर पिछले दस वर्षों से कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला है। उन्होंने एआईआरएफ और एनएफआईआर पर कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अब समय बदल चुका है और रेलवे कर्मचारियों को अपने हितों के लिए मजबूत तथा सक्रिय प्रतिनिधित्व की जरूरत है।

पूर्वी रेलवे के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बिशेश्वर प्रसाद यादव ने भी कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया। वहीं आसनसोल मंडल के मंडल मंत्री रवि सिंह ने कहा कि पीआरकेएस आने वाले चुनाव में पूर्वी रेलवे में अधिकतम वोट हासिल कर संगठन को मजबूत नेतृत्व देने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगा। संगठन के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से आगामी चुनाव में पीआरकेएस का समर्थन करने की अपील भी की।

कई पदाधिकारी और कोर कमेटी सदस्य रहे उपस्थित

डीआरएम कार्यालय में आयोजित प्रदर्शन के दौरान आसनसोल मंडल के अध्यक्ष रवि सिंह, मंडल मंत्री विक्रम मंडल, पूर्वी रेलवे के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बिशेश्वर प्रसाद यादव तथा अखिल भारतीय बीएमएस कार्यसमिति के सदस्य और पश्चिम बंगाल प्रभारी जैनाथ चौबे सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा मंडल कोर कमेटी के सदस्य राहुल बनर्जी, राजेश कुमार, संतोष सिंह, तुलसीदास मंडल, ओमप्रकाश प्रसाद और बप्पादित्य गायेन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने रेलवे कर्मचारियों के बोनस, वेतन और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संगठन की मांगों का समर्थन किया।

बीएमएस और पीआरकेएस का कहना है कि उनका आंदोलन रेलवे कर्मचारियों को उचित आर्थिक लाभ और अधिकार दिलाने के उद्देश्य से जारी रहेगा। अब देखना होगा कि बोनस में बढ़ोतरी, आठवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर और अंतरिम राहत जैसी मांगों पर रेलवे प्रशासन तथा संबंधित स्तरों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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