Thursday, 22 October 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
आसनसोल शिल्पांचल में सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा को विदाई, भावुक हुईं महिलाएं आसनसोल में दामोदर नदी घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, मां की विदाई पर नम हुईं भक्तों की आंखें दुर्गापुर के वार्ड 23 में भाजपा का विजया सम्मेलन, नारियल के लड्डू-निमकी के साथ बांटे गए नए वस्त्र विजयादशमी पर दुर्गापुर में आरएसएस का शस्त्र पूजन, देश और देशवासियों की सुरक्षा का लिया संकल्प दशमी की सुबह अंडाल मोड़ फ्लाईओवर पर पलटी स्कॉर्पियो, 6 लोग घायल; 4 की हालत गंभीर दुर्गापुर में 108 कुमारी पूजा का भव्य आयोजन, 138 कन्याओं के पूजन से भक्तिमय हुआ माहौल आसनसोल शिल्पांचल में सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा को विदाई, भावुक हुईं महिलाएं आसनसोल में दामोदर नदी घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, मां की विदाई पर नम हुईं भक्तों की आंखें दुर्गापुर के वार्ड 23 में भाजपा का विजया सम्मेलन, नारियल के लड्डू-निमकी के साथ बांटे गए नए वस्त्र विजयादशमी पर दुर्गापुर में आरएसएस का शस्त्र पूजन, देश और देशवासियों की सुरक्षा का लिया संकल्प दशमी की सुबह अंडाल मोड़ फ्लाईओवर पर पलटी स्कॉर्पियो, 6 लोग घायल; 4 की हालत गंभीर दुर्गापुर में 108 कुमारी पूजा का भव्य आयोजन, 138 कन्याओं के पूजन से भक्तिमय हुआ माहौल
आसनसोल-दुर्गापुर

दुर्गापुर के वार्ड 23 में भाजपा का विजया सम्मेलन, नारियल के लड्डू-निमकी के साथ बांटे गए नए वस्त्र

Moutushi · 22 October 2026, 12:18 PM

दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : दुर्गापुर के वार्ड नंबर 23 में विजयादशमी के बाद बंगाल की पारंपरिक विजया संस्कृति को जीवंत करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने विजया सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लोगों को नारियल के लड्डू और निमकी खिलाकर शुभकामनाएं दी गईं। इसके साथ ही जरूरतमंद और असहाय लोगों के बीच नए वस्त्र वितरित किए गए। आयोजन के माध्यम से पुरानी परंपराओं, आपसी आत्मीयता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने का प्रयास किया गया।

इस कार्यक्रम में दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और भाजपा नेता राजीव बनर्जी सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने विजया उत्सव की खुशियां साझा कीं और बंगाल की पारंपरिक संस्कृति से जुड़ी यादों को ताजा किया। आयोजकों का कहना था कि समय के साथ बदलती जीवनशैली के बीच पुरानी सामाजिक परंपराओं को फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने की जरूरत है।

नारियल के लड्डू और निमकी से हुआ अतिथियों का स्वागत

बंगाल में दुर्गापूजा के बाद विजया दशमी का विशेष सांस्कृतिक महत्व है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देते हैं, बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं और परिवार तथा पड़ोसियों के साथ खुशियां साझा करते हैं। कई परिवारों में मिठाइयों और पारंपरिक नमकीन से अतिथियों का स्वागत करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

दुर्गापुर के वार्ड नंबर 23 में आयोजित विजया सम्मेलन में इसी परंपरा की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को नारियल के लड्डू और निमकी खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया। इस पारंपरिक स्वागत ने आयोजन को एक अलग पहचान दी।

आयोजकों के अनुसार, पहले विजयादशमी के बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों के घर जाने पर मां, चाचियां और परिवार की अन्य महिलाएं अपने हाथों से तैयार नारियल के लड्डू और निमकी देकर अतिथियों का स्वागत करती थीं। उस समय इन पकवानों का स्वाद केवल खानपान तक सीमित नहीं था, बल्कि इनके साथ अपनापन, सम्मान और पारिवारिक रिश्तों की मिठास भी जुड़ी होती थी।

पुरानी बंगाली परंपरा को फिर से जीवंत करने की पहल

विजया दशमी के बाद लोगों का एक-दूसरे के घर जाना और शुभकामनाएं देना बंगाल की सामाजिक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस दौरान परिवारों के बीच मुलाकातें होती थीं, पुराने परिचित मिलते थे और आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर मिलता था।

आयोजकों ने बताया कि वार्ड नंबर 23 में विजया सम्मेलन आयोजित करने के पीछे भी यही भावना रही। उनका उद्देश्य पुरानी परंपरा को केवल याद करना नहीं, बल्कि उसे वर्तमान पीढ़ी के सामने फिर से प्रस्तुत करना था।

आज की व्यस्त दिनचर्या में लोगों के पास एक-दूसरे से मिलने और सामाजिक संबंधों को समय देने के अवसर कई बार कम हो जाते हैं। ऐसे में सामूहिक विजया सम्मेलन लोगों को एक साथ आने और त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।

नारियल के लड्डू और निमकी के माध्यम से पारंपरिक स्वागत करना इसी सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बना। आयोजन में शामिल लोगों के लिए यह पहल त्योहार की पुरानी यादों को ताजा करने के साथ आपसी मेलजोल बढ़ाने का माध्यम भी रही।

जरूरतमंदों के बीच नए वस्त्र वितरित कर साझा की खुशियां

इस विजया सम्मेलन की विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम केवल मिठाई और नमकीन बांटने तक सीमित नहीं रहा। आयोजकों ने जरूरतमंद और असहाय लोगों के बीच नए वस्त्र भी वितरित किए।

त्योहारों के दौरान नए कपड़े पहनना और परिवार के साथ खुशियां मनाना आम परंपरा है। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे कई परिवारों के लिए त्योहार की आवश्यकताओं को पूरा करना आसान नहीं होता। ऐसे में जरूरतमंद लोगों के बीच वस्त्र वितरण जैसी पहल उन्हें उत्सव की खुशियों में शामिल करने का प्रयास है।

वार्ड नंबर 23 के भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इसी सोच के साथ कार्यक्रम में वस्त्र वितरण को शामिल किया। इससे विजया सम्मेलन को सामाजिक सहायता से भी जोड़ा गया।

हालांकि, कितने लोगों को वस्त्र वितरित किए गए और किन क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिला, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिर भी, आयोजन का उद्देश्य उत्सव की खुशियों को समाज के उन लोगों तक पहुंचाना रहा, जिन्हें अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।

विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और राजीव बनर्जी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और भाजपा नेता राजीव बनर्जी सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। उनकी उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में पारंपरिक विजया उत्सव और सामाजिक सहभागिता पर जोर दिया गया।

स्थानीय स्तर पर इस तरह के आयोजन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को लोगों के साथ संवाद करने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी देते हैं। वार्ड नंबर 23 में आयोजित विजया सम्मेलन में भी कार्यकर्ताओं ने त्योहार के माध्यम से लोगों के साथ खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पारंपरिक पकवानों का आनंद लिया और एक-दूसरे को विजया की शुभकामनाएं दीं। हालांकि, किसी विशेष राजनीतिक घोषणा या औपचारिक संबोधन का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है, इसलिए कार्यक्रम का मुख्य केंद्र पारंपरिक उत्सव और वस्त्र वितरण ही रहा।

त्योहार के बहाने आपसी सद्भाव का संदेश

विजया दशमी के बाद मनाया जाने वाला विजया उत्सव केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर है। लोगों का एक-दूसरे से मिलना, शुभकामनाएं देना और मिठाइयां साझा करना समाज में आत्मीयता की भावना को बढ़ाता है।

दुर्गापुर के वार्ड नंबर 23 में आयोजित कार्यक्रम ने इसी संदेश को सामने रखा। नारियल के लड्डू और निमकी के पारंपरिक स्वागत के साथ जरूरतमंदों को नए वस्त्र देना इस बात का प्रतीक बना कि त्योहार की खुशियां समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

ऐसे आयोजनों की सार्थकता तब और बढ़ जाती है, जब इनके माध्यम से पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ सामाजिक सहयोग की भावना भी मजबूत हो।

पुरानी यादों और नई पहल का संगम बना विजया सम्मेलन

दुर्गापुर के वार्ड नंबर 23 में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की ओर से आयोजित विजया सम्मेलन ने बंगाल की पुरानी परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया। नारियल के लड्डू और निमकी के जरिए पारंपरिक स्वागत किया गया, जबकि नए वस्त्र वितरित कर जरूरतमंद लोगों के साथ उत्सव की खुशियां साझा की गईं।

विधायक चंद्रशेखर बनर्जी, भाजपा नेता राजीव बनर्जी और अन्य कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने आपसी मेलजोल, आत्मीयता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य यही रहा कि विजयादशमी के बाद की खुशियां केवल कुछ परिवारों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।

इस तरह वार्ड नंबर 23 का विजया सम्मेलन पुरानी बंगाली संस्कृति की यादों को ताजा करने और जरूरतमंद लोगों के साथ त्योहार की खुशियां बांटने की पहल के रूप में सामने आया।

Advertisement