कुल्टी: पश्चिम बर्दवान के कुल्टी इलाके में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने गुप्त सूचना के आधार पर अभियान चलाकर करीब 81 किलोग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाने की कथित योजना थी।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर फांड़ी अंतर्गत सीतारामपुर के टैगोर इंस्टीट्यूट इलाके में यह कार्रवाई की गई। डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को पहले से ही क्षेत्र में मादक पदार्थों की गतिविधि से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और इसके बाद संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए अभियान चलाया।
गुप्त सूचना पर डिटेक्टिव डिपार्टमेंट का अभियान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभियान के दौरान संदिग्ध लोगों और उनके पास मौजूद सामान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन करीब 81 किलोग्राम है।
इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद मौके पर पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई। इसके बाद तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद सभी छह लोगों को मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सीतारामपुर और आसपास के इलाके में चर्चा तेज हो गई। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, गांजा किस स्रोत से आया और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे, इसका स्पष्ट खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
81 किलो गांजा कहां से आया, अब इसकी जांच
मामले की जांच में पुलिस का मुख्य फोकस गांजे के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य पर है। पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है कि बरामद गांजा उन्हें किस व्यक्ति या समूह से मिला था।
इसके अलावा जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या यह गांजा किसी दूसरे राज्य या जिले से कुल्टी इलाके में लाया गया था। यदि ऐसा कोई नेटवर्क सामने आता है तो उसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए भी पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद खेप को स्थानीय स्तर पर खपाने की कथित योजना थी या इसे किसी दूसरे स्थान पर भेजा जाना था। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, आवाजाही और कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जा सकती है।
तीन महिलाएं भी गिरफ्तार
इस मामले की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि गिरफ्तार किए गए छह लोगों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अब पूछताछ के माध्यम से यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि सभी छह लोगों की कथित भूमिका क्या थी।
किस आरोपी की क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। केवल गिरफ्तारी के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस की ओर से जुटाए जा रहे साक्ष्यों और अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के विभिन्न इलाकों में समय-समय पर मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान चलाए जाते रहे हैं। गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की बरामदगी के मामलों में पुलिस आमतौर पर केवल मौके से गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखती, बल्कि इसके स्रोत और संभावित नेटवर्क की भी जांच करती है।
कुल्टी के सीतारामपुर में हुई इस कार्रवाई में भी पुलिस की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। करीब 81 किलोग्राम गांजा बरामद होने के कारण जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इसके पीछे किसी बड़े आपूर्ति नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।
टैगोर इंस्टीट्यूट इलाके में कार्रवाई से मचा हड़कंप
जिस स्थान पर यह कार्रवाई की गई, वह सीतारामपुर के टैगोर इंस्टीट्यूट के आसपास का इलाका है। पुलिस की टीम द्वारा अभियान चलाए जाने और छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद आसपास के लोगों का ध्यान भी इस कार्रवाई की ओर गया।
स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद गांजा किस रास्ते से इलाके तक पहुंचा था और इसके पीछे कितने लोग सक्रिय हो सकते हैं।
आगे और गिरफ्तारियां संभव?
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए छह लोगों से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की कथित संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद करीब 81 किलोग्राम गांजे की खेप का कथित खरीदार या प्राप्तकर्ता कौन था। इसके लिए पूछताछ के साथ-साथ उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
कुल मिलाकर, सीतारामपुर के टैगोर इंस्टीट्यूट इलाके में करीब 81 किलो गांजे की बरामदगी और छह लोगों की गिरफ्तारी ने कुल्टी क्षेत्र में मादक पदार्थों की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले से जुड़े स्रोत, संभावित आपूर्ति श्रृंखला और अन्य संदिग्धों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।




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