आसनसोल: पश्चिम बंगाल में बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। आसनसोल में इस मामले को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी के खिलाफ हीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। भाजयुमो की ओर से आरोप लगाया गया है कि हनुमान कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री द्वारा लोगों को किए गए संबोधन का कुछ कांग्रेसी नेताओं और देश विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों की ओर से कथित तौर पर गलत अर्थ निकाला जा रहा है।
शिकायत दर्ज कराने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हीरापुर थाने के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी के खिलाफ नारेबाजी की और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस नेता की तस्वीर भी जलाई गई। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मामले की जांच कर प्रसनजीत पूईटुंडी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
हनुमान कथा को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?
बताया जा रहा है कि बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की ओर से पश्चिम बंगाल में हनुमान कथा का आयोजन किया गया था। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन और कथित टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी बीच कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी की ओर से कथित तौर पर कथा के कुछ हिस्सों और संबोधन का अलग अर्थ निकाले जाने को लेकर भाजपा युवा मोर्चा ने आपत्ति जताई।
भाजयुमो का कहना है कि धार्मिक कथा और उसके संदेश को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर लोगों के बीच गलत धारणा पैदा करने की कोशिश की जा रही है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता की ओर से बाबा बागेश्वर की हनुमान कथा के कथित गलत अर्थ को प्रचारित किया गया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की स्थिति पैदा हो सकती है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल यह मामला शिकायत और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है।
हीरापुर थाने में पहुंचा मामला
भाजपा युवा मोर्चा ने इस विवाद को लेकर सीधे पुलिस का दरवाजा खटखटाया। संगठन की ओर से आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के हीरापुर थाने में कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। भाजयुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने तथा शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
भाजयुमो का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े कथित बयान या संबोधन का गलत अर्थ निकालकर उसे राजनीतिक रूप देने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। संगठन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की टिप्पणी से धार्मिक भावना या सामाजिक शांति प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है, तो पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
थाने के बाहर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
शिकायत दर्ज कराने के बाद भाजयुमो कार्यकर्ता हीरापुर थाने के बाहर एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता की तस्वीर जलाए जाने की बात भी सामने आई। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने इसे अपने विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनाया और पुलिस प्रशासन से मांग की कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करते हुए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। भाजयुमो ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को केवल शिकायत तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जाएगा।
गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा भाजयुमो
भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कथित तौर पर धार्मिक कथा के संदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
भाजयुमो नेताओं ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में इससे बड़ा और अधिक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि वह इस मामले में पीछे हटने के मूड में नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
धार्मिक मुद्दे पर बढ़ता राजनीतिक तापमान
बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री देशभर में धार्मिक कथाओं और हनुमान कथा के लिए चर्चित रहे हैं। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिलती है। ऐसे में उनके संबोधन से जुड़े किसी भी विवाद का राजनीतिक और सामाजिक असर तेजी से देखने को मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल में भी उनके कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। एक तरफ भाजपा समर्थक और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग उनके धार्मिक कार्यक्रमों का समर्थन करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके कुछ बयानों और कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक विरोध भी देखने को मिलता है। आसनसोल का यह विवाद भी इसी व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
अब पुलिस की जांच पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि हीरापुर थाने में दर्ज शिकायत पर पुलिस किस तरह की कार्रवाई करती है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी की ओर से वास्तव में क्या कहा गया था और उनके बयान या गतिविधि का संदर्भ क्या था।
कानूनी रूप से किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल आसनसोल में इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। एक तरफ भाजयुमो कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया से यह विवाद और आगे बढ़ सकता है।




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