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आसनसोल-दुर्गापुर

अन्नपूर्णा भंडार के लिए बर्नपुर कार्यालय के बाहर महिलाओं की लंबी कतार, घंटों इंतजार से बढ़ा गुस्सा

Moutushi · 25 August 2026, 4:50 PM

आसनसोल: अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ पाने और अपनी लंबित समस्याओं के समाधान की उम्मीद में सोमवार को आसनसोल नगर निगम के बर्नपुर त्रिवेणी मोड़ स्थित बोरो कार्यालय के बाहर महिलाओं की लंबी कतार देखने को मिली। सुबह होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यालय पहुंच गईं। योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में महिलाएं घंटों तक लाइन में खड़ी रहीं। काफी समय तक इंतजार करने के बाद भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर कई महिलाओं ने कार्यालय की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

महिलाओं का कहना है कि सरकार बदले हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी कई पात्र महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। योजना से जुड़ी अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए उन्हें बार-बार बोरो कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि हर बार कार्यालय आने के बावजूद उनकी परेशानी दूर नहीं हो रही है और उन्हें लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

सुबह से ही कार्यालय के बाहर लगी लंबी कतार

सोमवार की सुबह जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बर्नपुर त्रिवेणी मोड़ स्थित बोरो कार्यालय के बाहर महिलाओं की संख्या बढ़ती गई। कई महिलाएं सुबह जल्दी ही कार्यालय पहुंच गई थीं, ताकि उन्हें अपनी समस्या बताने और योजना से संबंधित काम कराने का अवसर मिल सके।

महिलाओं के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि कार्यालय में पहुंचने के बाद आवेदन और योजना से जुड़ी समस्याओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी। लेकिन लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद कई महिलाओं को यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उनका काम कब होगा और योजना का लाभ उन्हें आखिर कब मिलेगा।

लंबे इंतजार के कारण महिलाओं में धीरे-धीरे नाराजगी बढ़ने लगी। कुछ महिलाओं ने कहा कि यदि बड़ी संख्या में लाभार्थी कार्यालय पहुंच रहे हैं, तो उनके लिए अलग से उचित व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि बुजुर्ग और जरूरतमंद महिलाओं को घंटों तक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बार-बार कार्यालय आने से परेशान महिलाएं

प्रदर्शन कर रही महिलाओं में से कई का कहना था कि वे पहले भी योजना से संबंधित समस्या को लेकर कार्यालय आ चुकी हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें हर बार किसी न किसी कारण से वापस लौटना पड़ता है और फिर अगली तारीख या अगले दिन कार्यालय आकर कतार में खड़ा होना पड़ता है।

महिलाओं ने कहा कि योजना का लाभ उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए वे उम्मीद कर रही हैं कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से सुनेंगे और जल्द समाधान निकालेंगे।

कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि यदि आवेदन से संबंधित कोई दस्तावेज अधूरा है या किसी कारण से उनका नाम लाभार्थी सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। इससे वे आवश्यक दस्तावेज पूरे कर सकें और दोबारा आवेदन या सुधार की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

कार्यालय का गेट बंद होने का भी आरोप

महिलाओं ने इस दौरान बोरो कार्यालय की व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर शिकायत सामने रखी। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों के पहुंचने के बीच कार्यालय का गेट तक बंद कर दिया गया।

गेट बंद होने के कारण कार्यालय के बाहर खड़ी महिलाओं में और अधिक नाराजगी देखने को मिली। महिलाओं का कहना था कि यदि किसी कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग अपनी सरकारी योजना से संबंधित काम कराने पहुंच रहे हैं, तो भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए।

उनका कहना था कि गेट बंद करने के बजाय महिलाओं को क्रमवार अंदर बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी जा सकती हैं। इससे भीड़ भी नियंत्रित रहती और लोगों को लंबे समय तक बाहर खड़े रहने की परेशानी भी नहीं होती।

महिलाओं ने मांगी स्पष्ट जानकारी

कतार में खड़ी महिलाओं की सबसे बड़ी मांग थी कि उन्हें अन्नपूर्णा भंडार योजना के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। महिलाओं का कहना है कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि उनका आवेदन किस स्थिति में है, भुगतान क्यों नहीं हुआ और योजना का लाभ मिलने में अभी कितना समय लगेगा।

लाभार्थियों के अनुसार, यदि किसी आवेदन में कोई तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्या है, तो संबंधित व्यक्ति को उसकी जानकारी दी जानी चाहिए। इससे आवेदक समय रहते अपनी कमी को दूर कर सकेंगे।

महिलाओं ने यह भी मांग की कि कार्यालय में योजना से संबंधित शिकायतों के लिए अलग व्यवस्था की जाए, ताकि सामान्य नगर निगम सेवाओं के लिए आने वाले लोगों और अन्नपूर्णा भंडार योजना के लाभार्थियों की भीड़ एक साथ न हो।

योजना को लेकर पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें

अन्नपूर्णा भंडार योजना की राशि और लाभार्थियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर पश्चिम बर्दवान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं महिलाओं ने राशि नहीं मिलने की बात कही है, तो कहीं आवेदन और भुगतान से संबंधित समस्याओं को लेकर प्रशासनिक कार्यालयों का रुख किया गया है।

ऐसे में बर्नपुर बोरो कार्यालय के बाहर महिलाओं की लंबी कतार ने एक बार फिर योजना के क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कतार में मौजूद सभी महिलाओं की समस्या एक जैसी थी या अलग-अलग आवेदन और भुगतान संबंधी कारणों से वे कार्यालय पहुंची थीं। इसलिए प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच और संबंधित लाभार्थी को स्पष्ट जानकारी देना जरूरी माना जा रहा है।

महिलाओं की मांग- जल्द हो समस्या का समाधान

महिलाओं ने मांग की कि उनकी शिकायतों को केवल कतार और आवेदन की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक मामले की स्थिति की जांच की जाए। जिन महिलाओं को योजना का लाभ मिलना है, उन्हें जल्द से जल्द लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

महिलाओं का कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय आने से समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है। यदि कार्यालय स्तर पर आवेदन की स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध करा दी जाए, तो अनावश्यक भीड़ और लोगों की परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फिलहाल बर्नपुर त्रिवेणी मोड़ स्थित बोरो कार्यालय के बाहर महिलाओं की लंबी कतार और उनकी नाराजगी ने अन्नपूर्णा भंडार योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की तस्वीर सामने रखी है। महिलाओं को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर संबंधित अधिकारी जल्द ध्यान देंगे और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

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