आसनसोल/कुल्टी: आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर ५८ के पूर्व तृणमूल पार्षद संजय नोनिया को हरिनाम संकीर्तन कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनके कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही इलाके में अचानक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पूर्व पार्षद तथा उनके साथ मौजूद लोगों पर हमला किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे। घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है।
यह घटना रविवार को कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के धेमोमेन शिव मंदिर इलाके में हुई। घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल दक्षिण पुलिस फाड़ी की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने के बाद इलाके में तनाव को कम किया गया।
हरिनाम संकीर्तन में पहुंचे थे पूर्व पार्षद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धेमोमेन शिव मंदिर इलाके में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वार्ड नंबर ५८ के पूर्व तृणमूल पार्षद संजय नोनिया को भी आयोजकों की ओर से आमंत्रित किया गया था।
बताया जा रहा है कि पूर्व पार्षद अपने कुछ लोगों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि उनके वहां पहुंचते ही कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पूर्व पार्षद के साथ मौजूद लोगों का आरोप है कि उन पर हमला किया गया। इसके बाद विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। अचानक हुए पथराव से कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पथराव में कई लोगों के घायल होने की खबर
घटना में पूर्व पार्षद संजय नोनिया के वाहन चालक के घायल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा हरिनाम संकीर्तन के आयोजकों में से भी कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। पथराव के दौरान इलाके में मौजूद अन्य लोगों में भी भय का माहौल बन गया।
घटना के बाद कुछ समय के लिए संकीर्तन कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अचानक विवाद और पथराव होने से स्थानीय लोगों में भी चिंता देखी गई। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
हालांकि, घटना में घायल लोगों की संख्या और उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
हमलावरों को लेकर पूर्व पार्षद ने कही बड़ी बात
घटना के बाद पूर्व पार्षद संजय नोनिया ने हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आक्रांत लोगों की ओर से आरोप लगाया गया कि हमला करने वाले लोग चिह्नित भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक हैं।
हालांकि, संजय नोनिया ने सीधे तौर पर भाजपा पर हमला करने का आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि घटना में जो लोग शामिल हैं, उन्हें पुलिस द्वारा चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व पार्षद का कहना है कि किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे लोगों के साथ इस तरह की घटना होना चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
राजनीतिक रंग लेने की आशंका
घटना में पूर्व तृणमूल पार्षद के शामिल होने और हमलावरों पर भाजपा समर्थक होने के आरोप के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से किसी राजनीतिक दल की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को लेकर चर्चा जरूर शुरू हो गई है। लेकिन घटना के वास्तविक कारण और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इसका स्पष्ट पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यक्रम स्थल पर विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और पथराव में कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ले सकती है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल दक्षिण पुलिस फाड़ी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस की मौजूदगी के बाद इलाके में बढ़ता तनाव कुछ कम हुआ।
पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। कार्यक्रम स्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ और घटना के दौरान बने वीडियो या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच भी मामले को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
धेमोमेन शिव मंदिर इलाके में घटना के बाद सुरक्षा को लेकर भी पुलिस सतर्क हुई है। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना को देखते हुए पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखे जाने की संभावना है।
धार्मिक कार्यक्रम में विवाद से उठे सवाल
हरिनाम संकीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पथराव और हिंसक विवाद की घटना ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग चाहते हैं कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने से पहले प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय हो, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटना की वास्तविक वजह का पता लगाना और दोषियों की पहचान करना है। पूर्व पार्षद और उनके समर्थकों की ओर से गिरफ्तारी की मांग की गई है, जबकि दूसरे पक्ष की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच करेगी।
रविवार की इस घटना के बाद धेमोमेन इलाके में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है और मामले की जांच जारी है।





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