धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ NEET आंदोलन, सड़कों से हटे छात्र

नई दिल्ली: लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ NEET पेपर लीक मामला अब एक बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। “कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)” ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना धरना वापस लेने का ऐलान कर दिया।

🚨 कई दिनों से जारी था आंदोलन

NEET प्रश्नपत्र लीक के विरोध में
👉 छात्र लगातार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे

उनकी मुख्य मांगें थीं—

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
  • प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की वापसी
  • प्रभावित परिवारों को मुआवजा

👉 इस आंदोलन ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।

🏛️ सरकार और CJP के बीच अहम बैठक

इस्तीफे के कुछ ही समय बाद शनिवार को
👉 सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई

यह बैठक कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित की गई, जिसमें—

  • केंद्र सरकार की ओर से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे
  • CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने प्रतिनिधित्व किया

🗣️ सरकार ने दिया बड़ा आश्वासन

बैठक के बाद CJP नेताओं ने बताया—
👉 उनकी प्रमुख मांग “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा” पूरी हो चुकी है

इसके अलावा सरकार ने—

  • मंगलवार तक अन्य मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया
  • FIR वापस लेने का आश्वासन दिया
  • मुआवजे पर नियमों के तहत सहायता देने की बात कही

⚖️ तीन बड़ी मांगें जो बनीं मुद्दा

CJP के अनुसार उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं—

  1. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
  2. प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR वापस लेना
  3. पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा

👉 इन मांगों ने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।

📢 “सद्भावना के आधार पर आंदोलन खत्म”

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा—
👉 सरकार के आश्वासन और तय समयसीमा को देखते हुए
👉 संगठन ने सद्भावना के आधार पर आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया

🏛️ जेपी नड्डा का बयान

बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा—

  • प्रतिनिधिमंडल ने लिखित प्रस्ताव सौंपा है
  • सरकार FIR की प्रतियां उपलब्ध कराएगी
  • किसी भी प्रकार की बदले की कार्रवाई नहीं होगी

👉 उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार नियमों के अनुसार हर संभव मदद करेगी।

🔥 क्या यह विवाद पूरी तरह खत्म?

विशेषज्ञों का मानना है—

  • आंदोलन भले खत्म हो गया हो
  • लेकिन NEET पेपर लीक का मुद्दा अभी भी संवेदनशील बना हुआ है
  • यदि वादे पूरे नहीं हुए, तो फिर से विरोध शुरू हो सकता है

⚡ निष्कर्ष:

NEET पेपर लीक मामला अब केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विषय बन चुका है।

👉 आंदोलन के खत्म होने के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है—
क्या वादे पूरे होंगे या फिर शुरू होगा एक नया संघर्ष?

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