Thursday, 17 September 2026
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रानीगंज पुलिस बनी मसीहा! भटकी 12 वर्षीय बच्ची को परिवार से मिलाया

Moutushi · 22 July 2026, 1:57 PM

रानीगंज: जहां अक्सर पुलिस की छवि सख्ती से जुड़ी होती है, वहीं रानीगंज थाना पुलिस ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।

👉 एक शॉपिंग मॉल में भटक रही 12 वर्षीय आदिवासी छात्रा बंदना हांसदा को पुलिस ने न सिर्फ सुरक्षित बचाया, बल्कि उसे सकुशल उसके परिजनों से मिलाकर एक परिवार की बड़ी चिंता खत्म कर दी।

🚨 मॉल में अकेली भटकती मिली बच्ची

मंगलवार शाम रानीगंज के एक शॉपिंग मॉल में एक नाबालिग बच्ची को काफी देर तक अकेले घूमते देखा गया।
👉 मॉल कर्मचारियों को शक हुआ, लेकिन पूछताछ में बच्ची अपना पता नहीं बता सकी।

📞 तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद रानीगंज थाना की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने ले आई।

💔 डरी-सहमी बच्ची को मिला पुलिस का सहारा

थाने में शुरुआत में बच्ची काफी घबराई हुई थी और कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रही थी।
👉 महिला पुलिसकर्मियों ने बेहद धैर्य और स्नेह के साथ उससे बात की और उसका विश्वास जीता।

🍕 इतना ही नहीं, बच्ची का मन बहलाने के लिए उसे पिज्जा खिलाया गया, जिससे उसका डर धीरे-धीरे दूर हो गया।

👉 कुछ समय बाद बच्ची ने अपना नाम बंदना हांसदा बताया और अपने गांव की जानकारी दी।

📍 परिजनों से कराया गया संपर्क

बच्ची द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत उसके परिजनों से संपर्क किया।
👉 पता चला कि वह जेमारी ग्राम पंचायत के बेलियाबाथान आदिवासी गांव की रहने वाली है और कक्षा 6 की छात्रा है।

📞 सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे और अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली।

👉 सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को परिवार के हवाले कर दिया गया।

🗣️ गांव के प्रधान ने की सराहना

गांव के प्रधान सिद्धार्थ मार्डी ने रानीगंज थाना पुलिस की जमकर प्रशंसा की।

📢 उन्होंने कहा—
“अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। पूरे गांव की ओर से हम पुलिस के आभारी हैं।”

🔍 जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर बच्ची अकेले गांव से रानीगंज शहर तक कैसे पहुंच गई।
👉 परिजनों के अनुसार, वह सुबह करीब 10 बजे घर से निकली थी और देर तक वापस नहीं लौटी, जिससे परिवार चिंतित हो गया था।

🌟 क्यों खास है यह घटना?

  • पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण
  • त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी अनहोनी
  • समाज में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत

✅ निष्कर्ष:

रानीगंज थाना पुलिस ने यह साबित कर दिया कि—
👉 पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि इंसानियत की भी सच्ची रक्षक है।

🎯 समय पर की गई इस कार्रवाई ने एक मासूम को सुरक्षित घर पहुंचाया और एक परिवार को उसकी खुशियां वापस दिलाईं।

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