कल्याणेश्वरी/आसनसोल: दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा जमीन खाली कराने की कार्रवाई ने लेफ्ट बैंक क्षेत्र में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सोमवार को डीवीसी के प्रशासनिक विभाग ने इलाके में कथित अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ नोटिस चिपकाए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे।
🚨 29 नोटिस से मचा हड़कंप
👉 जानकारी के अनुसार—
- शिव मंदिर और गोलाई इलाके के पास
- कुल 29 नोटिस जारी किए गए
👉 यह कार्रवाई ‘द पब्लिक प्रीमाइसेस (इविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्युपेंट्स) एक्ट, 1971’ के तहत की गई है
👉 नोटिस में स्पष्ट चेतावनी—
समय पर जवाब नहीं देने पर एकतरफा बेदखली की प्रक्रिया शुरू होगी
⚡ विरोध के बीच लौटे अधिकारी
👉 जैसे ही डीवीसी की टीम नोटिस चिपकाने पहुंची—
- बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हो गए
- जमकर विरोध और नारेबाजी शुरू हो गई
👉 स्थिति बिगड़ती देख—
अधिकारियों को मौके से वापस लौटना पड़ा
🗣️ “सालों से रह रहे हैं, अब क्यों हटाया जा रहा?”
👉 स्थानीय निवासियों का कहना है—
- वे पिछले 30-40 वर्षों से यहां रह रहे हैं
- अचानक नोटिस देना उनके साथ अन्याय है
👉 क्षेत्र में घटना के बाद
तनाव का माहौल बना हुआ है
📅 27 जुलाई को होगी सुनवाई
👉 डीवीसी की ओर से निर्देश दिया गया है कि—
- प्रभावित लोग 27 जुलाई 2026, सुबह 11:00 बजे
- सभी दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हों
👩🦰 शिप्रा मुखर्जी का बयान
👉 स्थानीय निवासी शिप्रा मुखर्जी ने कहा—
📢 “हम इस नोटिस का जवाब देंगे। इसके लिए सभी लोग मिलकर जल्द बैठक करेंगे। वर्षों से रह रहे गरीबों को इस तरह परेशान करना गलत है।”
🏢 डीवीसी का पक्ष
👉 इस मामले में डीवीसी मैथन के डीजीएम सुखमय नायक ने कहा—
- डीवीसी अपनी जमीनों को चिन्हित कर रही है
- अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जा रहा है
👉 उन्होंने बताया—
आज 29 नोटिस जारी किए गए हैं, आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी
⚖️ प्रशासन भी सतर्क
👉 इस पूरे मामले की जानकारी—
- जिला मजिस्ट्रेट
- पुलिस कमिश्नर (आसनसोल)
- बीडीओ सालानपुर
- सालानपुर थाना प्रभारी
👉 को दी गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे
🌟 टकराव की स्थिति
👉 एक तरफ डीवीसी का अभियान
👉 दूसरी तरफ स्थानीय लोगों का विरोध
👉 ऐसे में सवाल उठ रहा है—
क्या होगा आगे? क्या लोगों को राहत मिलेगी या बढ़ेगी कार्रवाई?
👉 कल्याणेश्वरी का लेफ्ट बैंक इलाका इस समय संघर्ष का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रशासनिक कार्रवाई और जनता के विरोध के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।

