Monday, 2 November 2026
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आसनसोल नगर निगम का पलटवार! शो-कॉज नोटिस को बताया निराधार

Moutushi · 7 July 2026, 2:07 PM

आसनसोल: आसनसोल नगर निगम और राज्य सरकार के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। शहरी विकास एवं नगर मामलों के विभाग द्वारा जारी शो-कॉज नोटिस पर निगम के मेयर ने विस्तृत जवाब देकर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

⚖️ “आरोप निराधार और तथ्यहीन”—मेयर का जवाब

नगर निगम के मेयर ने अपने जवाब में साफ कहा कि नोटिस में लगाए गए आरोप निराधार, अस्पष्ट और तथ्यों से परे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोटिस के साथ जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे उचित जवाब देना मुश्किल हो गया।

👉 मेयर ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया, जो प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

🏛️ बैठकों को लेकर दी सफाई

निगम ने स्पष्ट किया कि बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स की बैठकें पश्चिम बंगाल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत नियमित रूप से आयोजित की गई हैं।
मई 2026 में स्थानीय परिस्थितियों के कारण बैठक नहीं हो पाई, लेकिन जून 2026 में बैठक बुलाने के लिए चेयरमैन द्वारा आयुक्त को पत्र भेजा गया था।

💼 टैक्स छूट पर निगम का पक्ष

व्यावसायिक संस्थानों को दी गई संपत्ति कर में छूट के मुद्दे पर भी निगम ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
निगम के अनुसार—
✔️ सभी फैसले नियमों के तहत बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स द्वारा लिए गए
✔️ इन संस्थानों से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होता है
✔️ वे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के जरिए जनहित में कार्य करते हैं

👉 इसी आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत तक कर छूट देना नियमों के अनुरूप बताया गया।

🚰 बुनियादी सुविधाओं पर भी जवाब

पेयजल, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और स्वच्छता जैसी सेवाओं को लेकर उठाए गए सवालों को भी निगम ने खारिज कर दिया।
निगम का कहना है कि—
✔️ प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है
✔️ आंतरिक निगरानी प्रणाली मजबूत है
✔️ सभी वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन किया जा रहा है

👥 जनकल्याण कार्यों का भी जिक्र

नगर निगम ने यह भी बताया कि जनकल्याण शिविर और अन्य सरकारी कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं।
साथ ही, पार्षद अपने-अपने वार्डों में नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं, इसलिए केवल मुख्यालय में उपस्थिति को कार्य का पैमाना नहीं माना जा सकता।

⚠️ सियासी टकराव बढ़ने के आसार

इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता बता रहा है, जबकि निगम इसे राजनीतिक दबाव के रूप में देख रहा है।

📢 नोटिस वापस लेने की मांग

अंत में मेयर ने राज्य सरकार से अपील की है कि—
👉 30 जून 2026 को जारी शो-कॉज नोटिस को वापस लिया जाए, क्योंकि लगाए गए आरोप कानूनी और तथ्यात्मक दोनों ही आधार पर टिकाऊ नहीं हैं।

✨ बड़ा सवाल

👉 क्या यह सिर्फ प्रशासनिक विवाद है या इसके पीछे गहरी सियासत छिपी है?

आसनसोल नगर निगम और राज्य सरकार के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। अब सबकी नजर इस पर है कि सरकार इस जवाब पर क्या कदम उठाती है।

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