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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में सफाई कर्मियों का फूटा गुस्सा! दो शिफ्ट में काम के आदेश पर हंगामा

Moutushi · 25 June 2026, 1:17 PM

आसनसोल: आसनसोल नगर निगम में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब सफाई कर्मियों ने दो शिफ्ट में काम कराने के आदेश के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सात नंबर बोरो कार्यालय के सामने जुटे कर्मियों ने प्रशासन के इस फैसले को अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन में शामिल सफाई कर्मियों का कहना था कि उनकी ड्यूटी पहले से ही सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक तय है। इसके बावजूद उन्हें दोबारा काम पर आने और अतिरिक्त समय तक कार्य करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कर्मियों ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा वेतन में यह संभव नहीं है।

प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मी बबिता बाउरी और अरुण बाउरी ने कहा कि सरकार की ओर से दो समय में काम करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसके लिए किसी प्रकार की अतिरिक्त सुविधा या वेतन वृद्धि की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वे पहले से ही पूरे शहर की साफ-सफाई का जिम्मा संभालते हैं और इसके बाद अतिरिक्त काम करना उनके लिए बेहद मुश्किल है।

कर्मियों के अनुसार उनकी मासिक आय करीब 8,000 से 9,000 रुपये के बीच है। इतने कम वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना ही एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में काम का बोझ बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि बिना वेतन बढ़ाए अतिरिक्त ड्यूटी लेना श्रमिकों के साथ अन्याय है।

सफाई कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम के बजट में उनके हितों को नजरअंदाज किया गया है। वर्षों से वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग की जा रही है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सफाई कर्मियों की नाराजगी इसी तरह बनी रही, तो शहर की सफाई व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए जरूरी हो जाता है कि वह जल्द से जल्द समाधान निकालकर स्थिति को सामान्य बनाए।

फिलहाल, इस विरोध प्रदर्शन ने आसनसोल नगर निगम के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है—जहां एक तरफ शहर की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर कर्मियों की संतुष्टि और अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही अहम है।

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