Saturday, 24 October 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

बजट में उपेक्षा के विरोध में एनएचएम कर्मियों की हड़ताल, सीएमओएच कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन

Moutushi · 24 June 2026, 1:51 PM

आसनसोल: पश्चिम बंगाल सरकार के हालिया बजट में विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि और सुविधाओं की घोषणा के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज एनएचएम कर्मियों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

बुधवार को पश्चिम बर्दवान के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मी एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने कामकाज ठप रखते हुए धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से अस्थायी आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा सुरक्षा, वेतन संरचना और स्थायीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका आरोप है कि सरकार अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि की घोषणा करती है, लेकिन एनएचएम कर्मियों को बार-बार नजरअंदाज किया जाता है।

आंदोलन में शामिल कर्मियों ने ‘समान काम के लिए समान वेतन’, स्थायी नियुक्ति और पूर्ण कर्मचारी का दर्जा देने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि पश्चिम बर्दवान जिले में लगभग 1065 एनएचएम कर्मी कार्यरत हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उनके अधिकारों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसे राज्य स्तर तक फैलाया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर इस आंदोलन का असर पड़ने की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

एनएचएम कर्मियों का कहना है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

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