सरकारी नौकरियों में बंपर भर्ती का ऐलान, 1 लाख पदों पर होगी नियुक्ति

कोलकाता: राज्य की भाजपा सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट में युवाओं के लिए बड़ी सौगात दी है। वित्त मंत्री स्वपन दाशगुप्ता ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों के एक लाख रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इस फैसले से लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे लाखों युवाओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण

सरकार ने नई नियुक्तियों में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए 33 प्रतिशत पद आरक्षित करने का फैसला लिया है। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

शिक्षा क्षेत्र में सबसे ज्यादा भर्ती

घोषणा के अनुसार, कुल भर्ती का आधा हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में होगा। लगभग 50 हजार शिक्षकों, शिक्षाकर्मियों और प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी। इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पुलिस और अन्य विभागों में भी अवसर

वित्त मंत्री ने बताया कि 20 हजार पद पुलिस विभाग में भरे जाएंगे। इसके अलावा ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स में 1000 पदों पर भर्ती होगी। बाकी पद विभिन्न सरकारी विभागों में भरे जाएंगे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

अग्निवीरों को भी मिलेगा मौका

जहां लागू होगा, वहां 10 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। इससे सेना में सेवा दे चुके युवाओं को नई दिशा मिलेगी।

भर्ती प्रक्रिया होगी पारदर्शी

सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाने की बात कही है। भर्ती एजेंसियों को यूपीएससी के मॉडल पर एक संस्थागत ढांचे में लाया जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

आयु सीमा में छूट जारी

युवाओं के लिए राहत की बात यह है कि सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में दी गई 5 वर्ष की छूट अगले दो वर्षों तक जारी रहेगी। यह फैसला चुनावी वादे के तहत लिया गया था।

नई आयु सीमा लागू

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार—
ग्रुप-ए पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 41 वर्ष,
ग्रुप-बी के लिए 44 वर्ष,
और ग्रुप-सी व डी के लिए 45 वर्ष कर दी गई है।

युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह बजट किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम रोजगार, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

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