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जिलाध्यक्ष पद दोबारा मिलने के बाद नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती का इस्तीफा, पश्चिम बर्दवान की राजनीति में तेज हलचल

Moutushi · 20 June 2026, 10:25 AM

पश्चिम बर्दवान: तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बर्दवान जिलाध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। दोबारा पद मिलने की खबर सामने आने के कुछ ही समय बाद उनके इस फैसले ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को हस्तलिखित इस्तीफा पत्र भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा है कि वह अब जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि यह फैसला केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं, बल्कि उन पर विभिन्न स्तरों से दबाव भी बनाया जा रहा था।

नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती लंबे समय से संगठन का अहम चेहरा रहे हैं। वह पहले पांडेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्ष 2021 में उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 2022 के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस को मिली बड़ी बढ़त के बाद उन्हें पश्चिम बर्दवान का जिलाध्यक्ष बनाया गया था।

हाल ही में हुए चुनावों के नतीजों के बाद पार्टी के भीतर समीकरण बदलते नजर आए। चुनाव में हार के बाद नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और कथित अनियमितताओं को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट जाने की बात भी कही थी। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर मतभेद और खुलकर सामने आने लगे।

इसी बीच उनकी मुलाकात विद्रोही खेमे के नेता रीताब्रत बनर्जी से होने की खबर ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया। चर्चा यह भी है कि संगठन के नए ढांचे के तहत उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी गई थी और भविष्य में अन्य जिम्मेदारी देने का संकेत दिया गया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके इस्तीफा पत्र में यह भी उल्लेख है कि उन्हें दोबारा जिलाध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली थी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला सचिव पंकज राय सरकार ने कहा कि संगठन में लंबे समय से काम कर रहे नेताओं का इस तरह दूर होना पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद पश्चिम बर्दवान में तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में पार्टी किसे नई जिम्मेदारी देती है और यह फैसला संगठन पर क्या असर डालता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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