Thursday, 17 September 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
वोट-बाद हिंसा के आरोप में सालानपुर के तृणमूल प्रधान श्रीकांत पातर गिरफ्तार, पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड आसनसोल में नगर निगम आयुक्त का औचक निरीक्षण, उषाग्राम-कालिपहाड़ी में कचरा फैलाने वालों पर नजर करीब सात दिन बाद जेल से बाहर आए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी, रिहाई पर समर्थकों में खुशी आसनसोल में टोटो-मिनीबस विवाद पर लगा विराम, प्रशासन की मध्यस्थता के बाद हड़ताल खत्म आसनसोल नगर निगम गेट के सामने बड़ा हादसा, साइकिल से टक्कर के बाद सड़क पर पलटा टोटो; कई यात्री घायल दुर्गा पूजा से पहले आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट, सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक वोट-बाद हिंसा के आरोप में सालानपुर के तृणमूल प्रधान श्रीकांत पातर गिरफ्तार, पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड आसनसोल में नगर निगम आयुक्त का औचक निरीक्षण, उषाग्राम-कालिपहाड़ी में कचरा फैलाने वालों पर नजर करीब सात दिन बाद जेल से बाहर आए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी, रिहाई पर समर्थकों में खुशी आसनसोल में टोटो-मिनीबस विवाद पर लगा विराम, प्रशासन की मध्यस्थता के बाद हड़ताल खत्म आसनसोल नगर निगम गेट के सामने बड़ा हादसा, साइकिल से टक्कर के बाद सड़क पर पलटा टोटो; कई यात्री घायल दुर्गा पूजा से पहले आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट, सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक
Viral News

बर्नपुर में पुलिस का सख्त एक्शन! चोरी के आरोपियों को रस्सी बांधकर बाजार में घुमाया

Moutushi · 4 June 2026, 7:53 PM

पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल स्थित बर्नपुर इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब चोरी के आरोप में गिरफ्तार दो युवकों को पुलिस ने रस्सी बांधकर बाजार में घुमाया। यह घटना बुधवार को हिरापुर थाना क्षेत्र में हुई, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया।

पुलिस ने इस्माइल सोष्टी नगर क्षेत्र से स्वयन और मोहम्मद आदन नामक दो युवकों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों की कमर में रस्सी बांधकर उन्हें हिरापुर थाना से बर्नपुर बस स्टैंड तक पैदल ले जाया गया।

इस दौरान बाजार में मौजूद सैकड़ों लोगों की नजर इन आरोपियों पर पड़ी। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करने लगे। कई लोगों ने इसे पुलिस की सख्ती बताया, तो कुछ ने इस तरह की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य समाज में अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अन्य लोगों को इस तरह के अपराध करने से रोकना है। अधिकारियों का मानना है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और भविष्य में चोरी जैसी घटनाओं में कमी आएगी।

हालांकि, इस घटना को लेकर मानवाधिकार और सामाजिक संगठनों के बीच भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि कानून के तहत आरोपी को सजा देने का अधिकार केवल अदालत को है, जबकि सार्वजनिक रूप से इस तरह घुमाना उचित नहीं है।

बाद में पुलिस ने दोनों गिरफ्तार युवकों को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के तरीकों को लेकर बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

Advertisement