आदिवासी समाज के उत्थान की बड़ी पहल—ट्राइबल गरिमा उत्सव की शुरुआत

single balaji

पिछड़े आदिवासी और जनजातीय समुदायों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत “ट्राइबल विकास जनजातीय गरिमा उत्सव” का शुभारंभ किया गया है। यह विशेष जागरूकता अभियान 19 मई से 25 मई तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

इस जागरूकता शिविर की शुरुआत दुर्गापुर फरीदपुर ब्लॉक के नवघनपुर गांव स्थित अवैतनिक प्राथमिक विद्यालय से की गई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

🌿 पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन पांडवेश्वर विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायक जितेंद्र कुमार तिवारी ने किया।

👉 उन्होंने सबसे पहले क्षेत्र के प्रसिद्ध रक्षाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की
👉 इसके बाद जागरूकता शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया गया

इस मौके पर ब्लॉक समष्टि विकास अधिकारी देवदीप बैरागी, जिला परिषद के विद्युत कर्माध्यक्ष सुजीत मुखर्जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

🎯 क्या है इस अभियान का उद्देश्य?

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है—
👉 आदिवासी और जनजातीय समाज को सरकारी योजनाओं से जोड़ना
👉 उन्हें उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक बनाना
👉 समाज की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना

विधायक जितेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि यह पहल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।

🏡 पंचायत स्तर तक पहुंचेगी मुहिम

विधायक ने जानकारी दी कि—
👉 दुर्गापुर फरीदपुर ब्लॉक के छह पंचायत क्षेत्रों में भी ऐसे शिविर लगाए जाएंगे
👉 हर शिविर में लोगों को योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी
👉 ब्लॉक कार्यालय हर स्तर पर सहायता प्रदान करेगा

🤝 विकास के लिए एकजुटता की अपील

जितेंद्र तिवारी ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा—
👉 “पांडवेश्वर के विकास के लिए हमें सभी मतभेद भुलाकर एक साथ काम करना होगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि—
👉 इस मंच पर प्रशासन और विपक्ष दोनों मौजूद हैं
👉 यदि पंचायत स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल होते तो यह और बेहतर होता

🔍 क्यों खास है यह पहल?

आज भी कई आदिवासी क्षेत्र ऐसे हैं जहां—

  • सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं पहुंच पाती
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है

ऐसे में यह जागरूकता शिविर बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

⚠️ निष्कर्ष

“ट्राइबल विकास जनजातीय गरिमा उत्सव” सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि
👉 आदिवासी समाज को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने की एक बड़ी मुहिम है।

अगर यह पहल सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ezgif 22b6a523914e707e
ghanty

Leave a comment