कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हालिया I-PAC कार्यालय पर छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में मौजूद ईडी कार्यालय की सुरक्षा अब और कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल CRPF के बाद अब रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती भी की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, जमशेदपुर से CRPF की एक RAF कंपनी पश्चिम बंगाल पहुंच चुकी है, जिसे फिलहाल राजारहाट स्थित CRPF कैंप में रिजर्व में रखा गया है। हालात की गंभीरता और जरूरत के अनुसार RAF को तुरंत तैनात किया जा सकेगा।
🛑 I-PAC रेड के दौरान आई बाधा बनी वजह
हाल के दिनों में I-PAC कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान केंद्रीय एजेंसी के काम में बाधा डाले जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अब अगर भविष्य में ईडी या किसी अन्य केंद्रीय जांच एजेंसी को छापेमारी के दौरान कानून-व्यवस्था या विरोध की स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो RAF की टुकड़ी तत्काल मौके पर पहुंचाई जाएगी।

🗳️ चुनाव से पहले हाई अलर्ट
सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले किसी भी तरह के राजनीतिक तनाव, विरोध प्रदर्शन या हिंसा की आशंका को देखते हुए RAF को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। RAF के जवान विशेष वाहनों, दंगा नियंत्रण उपकरणों और आधुनिक संसाधनों से लैस हैं, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
🔐 CGO कॉम्प्लेक्स में 12 जवान तैनात
फिलहाल ईडी कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रही है, जिनसे जुड़े गोपनीय दस्तावेज CGO कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में रखे गए हैं। इन्हीं कारणों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
CGO कॉम्प्लेक्स में प्रवेश के लिए दो मुख्य गेट हैं। वर्तमान में दोनों गेटों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल के छह-छह जवान, यानी कुल 12 जवान तैनात किए गए हैं।
🔄 निजी सुरक्षा हटाई गई
गौरतलब है कि CBI कार्यालय के न्यूटाउन स्थानांतरित हो जाने के बाद CGO कॉम्प्लेक्स में केंद्रीय एजेंसी के रूप में केवल ईडी ही बची थी। ऐसे में अब तक यहां की सुरक्षा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे थी। हाल ही में ईडी और CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि निजी सुरक्षा हटाकर पूरी जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों को सौंपी जाए।
प्रशासनिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक फैसला माना जा रहा है। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल के मद्देनज़र CGO कॉम्प्लेक्स और केंद्रीय एजेंसियों की सुरक्षा और भी सख्त हो सकती है।











