👉 13 लाख अन्य मृत व्यक्तियों की भी हुई पहचान, जिनके पास आधार कार्ड नहीं
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अधिकारियों ने चुनाव आयोग (EC) को सूचित किया है कि राज्य में लगभग 34 लाख आधार कार्ड धारकों को मृत पाया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूआईडीएआई अधिकारियों ने बताया कि 2009 में आधार शुरू होने के बाद से पहचाने गए इन मृत व्यक्तियों का विवरण चुनाव आयोग के साथ साझा किया जा चुका है।
दोबारा सत्यापन के बाद सभी मृतकों के नाम कटेंगे वोटर लिस्ट से
अधिकारियों ने यह भी बताया कि 13 लाख अन्य मृत व्यक्तियों की भी पहचान की गई है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं था। एक बार डाटा का दोबारा सत्यापन हो जाने के बाद, इन मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह जानकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सामने आई है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों को हटाकर उसे सटीक और अपडेट बनाना है।
शिकायत मिलने के बाद पहचान जुटाने की पहल
अधिकारियों ने बताया, चुनाव आयोग को फर्जी मतदाताओं, मृत मतदाताओं, अनुपस्थित मतदाताओं और मतदाता सूची में दोहरे नामों के बारे में कई शिकायतें मिली हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि मृत नागरिकों से संबंधित यूआईडीएआई डाटा से हमें मतदाता सूची से ऐसी प्रविष्टियों का पता लगाने और उन्हें हटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैंकों से भी जानकारी जुटा रहा चुनाव आयोग
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि बैंकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, क्योंकि अधिकतर खाते आधार से जुड़े हैं। अधिकारी ने कहा, बैंकों ने उन खातों का डाटा उपलब्ध कराया है जिनमें वर्षों से केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है। इससे उन मृत व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिनके नाम अब भी मतदाता सूची में दर्ज हैं।
लगभग 7 करोड़ गणना फॉर्म का वितरण पूरा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया के तहत बुधवार शाम चार बजे तक 6.98 करोड़ गणना प्रपत्रों के वितरण का काम पूरा हो चुका है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से इसकी जानकारी दी गई है। 2025 की मतदाता सूची के अनुसार बंगाल में मतदाताओं की कुल संख्या 7.6 करोड़ है। चुनाव आयोग अगले दो दिनों में गणना प्रपत्रों के वितरण का काम पूरा करना चाहता है। इसे लेकर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने समस्त निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की।
बीएलए नियुक्ति की संख्या में तेजी से इजाफा
मालूम हो कि राज्य के कुछ स्थानों में अब तक काफी कम संख्या में गणना प्रपत्र वितरित हुए हैं। दूसरी तरफ बंगाल में बीएलए की संख्या भी क्रमश: बढ़ रही है। तृणमूल कांग्रेस अब तक 180 बीएलए-1 व 54,310 बीएलए-2 की नियुक्ति कर चुकी है, वहीं भाजपा के बीएलए-1 की संख्या 339 व बीएलए-2 की 48,023 हो चुकी है। माकपा 213 बीएलए-1 व 35,728 बीएलए-2 की नियुक्ति के साथ तीसरे स्थान पर है। कांग्रेस अभी भी काफी पिछड़ी हुई है। वह 209 बीएलए-1 व 10,240 बीएलए-2 की ही नियुक्ति कर पाई है।











