Thursday, 17 September 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
वोट-बाद हिंसा के आरोप में सालानपुर के तृणमूल प्रधान श्रीकांत पातर गिरफ्तार, पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड आसनसोल में नगर निगम आयुक्त का औचक निरीक्षण, उषाग्राम-कालिपहाड़ी में कचरा फैलाने वालों पर नजर करीब सात दिन बाद जेल से बाहर आए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी, रिहाई पर समर्थकों में खुशी आसनसोल में टोटो-मिनीबस विवाद पर लगा विराम, प्रशासन की मध्यस्थता के बाद हड़ताल खत्म आसनसोल नगर निगम गेट के सामने बड़ा हादसा, साइकिल से टक्कर के बाद सड़क पर पलटा टोटो; कई यात्री घायल दुर्गा पूजा से पहले आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट, सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक वोट-बाद हिंसा के आरोप में सालानपुर के तृणमूल प्रधान श्रीकांत पातर गिरफ्तार, पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड आसनसोल में नगर निगम आयुक्त का औचक निरीक्षण, उषाग्राम-कालिपहाड़ी में कचरा फैलाने वालों पर नजर करीब सात दिन बाद जेल से बाहर आए कांग्रेस नेता अरूप मुखर्जी, रिहाई पर समर्थकों में खुशी आसनसोल में टोटो-मिनीबस विवाद पर लगा विराम, प्रशासन की मध्यस्थता के बाद हड़ताल खत्म आसनसोल नगर निगम गेट के सामने बड़ा हादसा, साइकिल से टक्कर के बाद सड़क पर पलटा टोटो; कई यात्री घायल दुर्गा पूजा से पहले आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट, सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक
आसनसोल-दुर्गापुर

सरकार बदली, सिस्टम वही! तापसी रेलवे साइडिंग में फिर ‘वर्चस्व की जंग’ तेज

Moutushi · 8 May 2026, 12:02 AM

रानीगंज:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद जहां जनता को बदलाव की उम्मीद थी, वहीं रानीगंज के तापसी रेलवे साइडिंग से सामने आ रही खबरें एक अलग ही कहानी बयां कर रही हैं। चुनाव खत्म होते ही यहां एक बार फिर वर्चस्व, दबंगई और आर्थिक नियंत्रण की लड़ाई तेज होती नजर आ रही है।

स्थानीय सूत्रों की मानें तो तापसी रेलवे साइडिंग कोई साधारण माल ढुलाई केंद्र नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के लेनदेन वाला एक बड़ा आर्थिक हब बन चुका है। यहां कोयला लोडिंग-अनलोडिंग, ट्रांसपोर्टिंग और सप्लाई के हर चरण में प्रभाव जमाने को लेकर अलग-अलग गुटों के बीच लगातार संघर्ष चलता रहता है।

⚠️ पुराने खिलाड़ी, नए समीकरण

इस इलाके में पहले जमुरिया के पूर्व विधायक हरेराम सिंह और उनके पुत्र प्रेमपाल सिंह का प्रभाव काफी मजबूत माना जाता था। लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनके गुट की पकड़ कमजोर होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनाव के दौरान भी उनके खिलाफ असंतोष की लहर देखने को मिली थी, जिससे लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब इलाके में ‘सिंडिकेट राज’ खत्म होगा।

लेकिन हालात कुछ और ही कहानी कह रहे हैं…

🚨 फिर बढ़ा तनाव, सामने आईं मारपीट और धमकी की घटनाएं

चुनाव खत्म होते ही तापसी रेलवे साइडिंग में एक बार फिर कथित मारपीट, धमकी और हंगामे की घटनाएं सामने आने लगी हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ नए चेहरे अब इस पूरे नेटवर्क में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी बीच अंडाल क्षेत्र से जुड़े कारोबारी और राजनीतिक हलकों में जयदेव खा का नाम तेजी से चर्चा में आया है।
सूत्रों के अनुसार, अंडाल रेलवे यार्ड में पहले से प्रभाव रखने वाले जयदेव खा अब तापसी क्षेत्र में भी सक्रिय हो रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

💰 ‘साइडिंग इकोनॉमी’ का बड़ा खेल

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे साइडिंग अब केवल ट्रांसपोर्ट हब नहीं रह गया, बल्कि यह एक समानांतर ‘इकोनॉमिक सिस्टम’ बन चुका है।
यहां हर ट्रक, हर टन माल और हर मजदूर के पीछे एक बड़ा आर्थिक गणित काम करता है।
इसी वजह से यह इलाका हमेशा से ‘पावर कंट्रोल’ की राजनीति का केंद्र रहा है।

❓ बड़ा सवाल: क्या बदलाव सिर्फ कागजों तक सीमित?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जनता ने जिन मुद्दों—सिंडिकेट राज, कटमनी और भ्रष्टाचार—के खिलाफ वोट दिया था, अगर वही हालात दोबारा सामने आते हैं, तो यह नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

क्या सच में सिस्टम बदला है?
या सिर्फ चेहरे बदल गए हैं?

👀 प्रशासन पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि:

  • रेलवे साइडिंग में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए
  • अवैध वसूली और दबंगई पर सख्त कार्रवाई हो
  • कारोबार में पारदर्शिता लाई जाए

ताकि इलाके में शांति और सामान्य माहौल कायम रह सके।

🔥 निष्कर्ष (Viral Ending)

रानीगंज की ज़मीन पर कोयले की आग तो जलती ही है…
लेकिन उसके ऊपर भी ‘पैसे और पावर’ की आग उतनी ही तेज जल रही है।

सरकारें बदलती हैं…
नाम बदलते हैं…
लेकिन तापसी साइडिंग का ‘खेल’—वही रहता है!

Advertisement