रानीगंज की 103 साल पुरानी रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सत्ता परिवर्तन के बाद दिखा जोश

रानीगंज: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार रानीगंज के राय परिवार की 103 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक राजबाड़ी रथ यात्रा पूरे धूमधाम और भव्यता के साथ निकाली गई। इस अवसर पर आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूब गया।

🛕 श्रद्धालुओं ने खींची रथ की रस्सी

राजबाड़ी से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर अपनी आस्था और भक्ति का परिचय दिया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

👥 कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित

इस भव्य आयोजन में पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पाल, मंत्री डॉ. अजय पोद्दार, रानीगंज के विधायक पार्थो घोष, जामुड़िया के विधायक डॉ. विजन मुखर्जी सहित राय परिवार के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

🗣️ मंत्री अग्निमित्रा पाल का बड़ा बयान

रथ यात्रा के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार सनातनी समाज इतनी बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजनों में भाग ले रहा है।
उन्होंने कहा,
“भय आउट, भरोसा इन। अब लोग बिना किसी डर के अपने धर्म और परंपराओं का पालन कर रहे हैं और बढ़-चढ़कर ऐसे आयोजनों में हिस्सा ले रहे हैं।”

📊 भीड़ ने दिखाया बदला हुआ माहौल

मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष रथ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ पहले और वर्तमान समय के माहौल के बीच स्पष्ट अंतर को दर्शाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कहीं अधिक रही।

🌼 परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम

रानीगंज की यह 103 वर्ष पुरानी रथ यात्रा हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। इस बार भी परंपरा, संस्कृति और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला।

👉 भव्य आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आस्था और परंपरा की जड़ें आज भी समाज में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
रानीगंज की इस ऐतिहासिक रथ यात्रा ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को जोड़ा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश दिया।

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