आसनसोल/धनबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर 31 अगस्त से दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर धनबाद पहुंचे हैं। उनके दौरे को लेकर पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासनिक स्तर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और विभिन्न स्थानों पर पुलिस तथा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। तरुण कपूर के इस दौरे को प्रशासनिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, दौरे की शुरुआत दुर्गापुर स्थित काजी नजरूल इस्लाम हवाई अड्डे पर पहुंचने के साथ हुई। हवाई अड्डे पर उतरने के बाद तरुण कपूर सीधे प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कल्याणेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने मां कल्याणेश्वरी के चरणों में शीश नवाया और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर में पूजा के दौरान उन्होंने देश और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
तरुण कपूर के मंदिर पहुंचने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी विशेष तैयारी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई गई थी। उनके कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन की ओर से आवाजाही और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया गया।
पूजा-अर्चना के बाद तरुण कपूर मैथन डैम के समीप स्थित मजूमदार निवास पहुंचे। वहां दामोदर घाटी निगम यानी डीवीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। परियोजना प्रमुख और उप-महाप्रबंधक ने तरुण कपूर को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान अधिकारियों के बीच औपचारिक मुलाकात और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
तरुण कपूर के दौरे के मद्देनजर धनबाद और मैथन के साथ-साथ बंगाल-झारखंड सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखते दिखाई दिए। धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे।
तरुण कपूर प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर हैं, इसलिए उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्वाभाविक रूप से विशेष तैयारियां की गईं। उनके दो दिवसीय कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच भी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण बंगाल और झारखंड दोनों राज्यों की पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मैथन क्षेत्र औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। दामोदर घाटी निगम की विभिन्न परियोजनाएं इस क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के सलाहकार का इस क्षेत्र में पहुंचना कई स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उनके दौरे के दौरान किन-किन विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आना अभी बाकी है।
दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम की अहमियत बढ़ा दी। डीवीसी अधिकारियों द्वारा किए गए स्वागत के बाद क्षेत्र की परियोजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को लेकर चर्चाओं की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। आने वाले समय में इस दौरे से जुड़े अन्य कार्यक्रमों और बैठकों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
मां कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा के साथ दौरे की शुरुआत होने को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा रही। पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। तरुण कपूर का यहां पहुंचना और पूजा-अर्चना करना उनके दौरे का एक प्रमुख पड़ाव रहा।
दूसरी ओर, मैथन क्षेत्र में डीवीसी अधिकारियों की मौजूदगी ने दौरे को औद्योगिक दृष्टिकोण से भी खास बना दिया। क्षेत्र में ऊर्जा, विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों को लेकर लंबे समय से विभिन्न गतिविधियां चलती रही हैं। ऐसे में उच्चस्तरीय दौरे के दौरान संबंधित अधिकारियों की बैठक और बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। तरुण कपूर के कार्यक्रम वाले प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आने-जाने वाले मार्गों पर भी निगरानी रखी गई। बंगाल-झारखंड सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता का उद्देश्य दौरे को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराना बताया जा रहा है।
तरुण कपूर का यह दो दिवसीय धनबाद दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब सीमावर्ती क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, ऊर्जा परियोजनाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर लगातार चर्चा रहती है। उनके दौरे से क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श की संभावना को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल दौरे का पहला चरण मां कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा और मैथन में अधिकारियों के स्वागत के साथ पूरा हुआ है। अगले चरण में तरुण कपूर के अन्य कार्यक्रमों और बैठकों पर सभी की नजर रहेगी। प्रशासनिक और औद्योगिक अधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए माना जा रहा है कि इस दौरे से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी आने वाले समय में सामने आ सकती है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर का दो दिवसीय धनबाद दौरा सुरक्षा, प्रशासन और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बना हुआ है। मां कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना से शुरू हुआ यह दौरा मैथन में डीवीसी अधिकारियों के स्वागत तक पहुंचा। अब उनके आगामी कार्यक्रमों को लेकर प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी नजर बनी हुई है।




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