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आसनसोल-दुर्गापुर

नियामतपुर इस्को रोड के गड्ढों में डाले गए बोल्डर-राख, पूजा से पहले स्थायी मरम्मत की मांग

Moutushi · 27 August 2026, 10:54 PM

नियामतपुर: लंबे समय से बदहाल नियामतपुर इस्को रोड को लेकर आखिरकार अस्थायी स्तर पर राहत देने की पहल शुरू हुई है। सड़क के अलग-अलग हिस्सों में बने बड़े-बड़े गड्ढों को फिलहाल बोल्डर और राख डालकर भरने का काम किया गया है। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर आवागमन लगातार मुश्किल हो रहा था। ऐसे में गड्ढों को भरने के बाद वाहन चालकों को फिलहाल कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल अस्थायी है और सड़क की वास्तविक समस्या का समाधान तभी होगा, जब इसकी पूरी तरह स्थायी मरम्मत की जाएगी।

नियामतपुर इस्को रोड लंबे समय से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क के कई हिस्सों में बड़े आकार के गड्ढे बन चुके हैं। बारिश होने के बाद यही गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। ऐसे में वाहन चालकों के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क पर आगे कितना गहरा गड्ढा है।

बारिश ने बढ़ाई जर्जर सड़क की मुश्किल

लगातार बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई। गड्ढों में पानी जमा होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष परेशानी पैदा हो रही थी। वहीं, बड़े वाहनों को भी गड्ढों से बचकर निकलने के दौरान सावधानी बरतनी पड़ रही थी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक अपनी दिशा बदलने को मजबूर हो जाते हैं। इससे सड़क पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। खासकर बारिश के दौरान जब सामने से आने वाले वाहन और पैदल चलने वाले लोगों की संख्या अधिक होती है, तब स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग उठती रही है। अब कुछ प्रमुख गड्ढों में बोल्डर और राख डालकर उन्हें भरने की कोशिश की गई है। इससे सड़क के बेहद खराब हिस्सों में तत्काल तौर पर कुछ सुधार दिखाई दे रहा है।

अजय पोद्दार की पहल पर शुरू हुई अस्थायी व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, राज्य के लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार की पहल पर फिलहाल इस दिशा में कदम उठाया गया है। इसके बाद बर्नपुर इस्को प्रबंधन की ओर से नियामतपुर इस्को रोड के कई बड़े गड्ढों को बोल्डर और राख से भरने का काम किया गया।

मरम्मत के दौरान इस्को के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नियामतपुर सब-ट्रैफिक पुलिस अधिकारी मृणाल कांति मुर्मू भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।

सड़क पर काम के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि यातायात पूरी तरह बाधित न हो। वाहन चालकों और आम लोगों की आवाजाही को सामान्य रखने की कोशिश के बीच गड्ढों को भरने का काम किया गया।

स्थानीय लोगों को मिली तत्काल राहत, लेकिन सवाल बरकरार

गड्ढों में बोल्डर और राख डाले जाने के बाद सड़क के कुछ हिस्सों में फिलहाल आवागमन पहले की तुलना में आसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी माना कि इससे तत्काल राहत मिल सकती है। विशेषकर उन स्थानों पर जहां गड्ढों के कारण वाहन फंसने या अचानक संतुलन बिगड़ने की स्थिति बन रही थी, वहां कुछ सुधार दिखाई दे रहा है।

लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल बोल्डर और राख डालना स्थायी समाधान नहीं है। बारिश के मौसम में भारी वाहनों की आवाजाही और लगातार पानी पड़ने के कारण यह सामग्री दोबारा हट सकती है या सड़क फिर से टूट सकती है। ऐसे में कुछ समय बाद वही गड्ढे फिर सामने आने की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्थायी मरम्मत के बाद अब सड़क की पूर्ण और स्थायी मरम्मत की दिशा में तेजी से काम किया जाए।

दुर्गापूजा से पहले बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता आगामी दुर्गापूजा को लेकर है। पूजा के दौरान नियामतपुर और आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। बाजारों, पूजा पंडालों और विभिन्न क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ने की संभावना रहती है।

ऐसे में यदि नियामतपुर इस्को रोड की पूरी तरह मरम्मत नहीं की गई, तो त्योहार के दिनों में यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। गड्ढों और जलजमाव के कारण वाहनों की गति धीमी होने से जाम की समस्या भी बढ़ सकती है।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह सड़क चिंता का विषय बनी रह सकती है। पूजा के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही होती है। अंधेरे या बारिश के बीच पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा नहीं लगने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

स्थायी समाधान चाहते हैं क्षेत्रवासी

क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे सड़क पर किए गए अस्थायी कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका मानना है कि गड्ढों को तत्काल भरना जरूरी था, क्योंकि खराब सड़क के कारण लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही थी। लेकिन अब अगला कदम सड़क की स्थायी मरम्मत होना चाहिए।

लोग चाहते हैं कि संबंधित विभाग सड़क की पूरी स्थिति का तकनीकी निरीक्षण करे और जहां-जहां सड़क की सतह पूरी तरह खराब हो चुकी है, वहां उचित तरीके से मरम्मत कराई जाए। केवल गड्ढे भरने के बजाय सड़क को मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जाए, ताकि बारिश के बाद फिर से वही समस्या पैदा न हो।

नियामतपुर इस्को रोड की बदहाली का मुद्दा अब केवल स्थानीय परेशानी तक सीमित नहीं है। दुर्गापूजा से पहले बढ़ने वाली आवाजाही को देखते हुए यह सड़क यातायात और सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल बोल्डर और राख से गड्ढों को भरकर तत्काल राहत देने की कोशिश की गई है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब इस बात पर है कि स्थायी मरम्मत का काम कब शुरू होता है।

स्थानीय लोगों की स्पष्ट मांग है कि पूजा से पहले सड़क को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित, सुगम और बिना अनावश्यक जाम के आवागमन की सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि संबंधित प्राधिकरण इस मांग पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

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