आसनसोल: नियामतपुर के डेडी इलाके में वर्षों पुरानी समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। जो खेल मैदान कभी शराबियों और अव्यवस्था का अड्डा बन चुका था, आज वही मैदान बच्चों और युवाओं के खेलकूद से गुलजार हो उठा है। मैदान की कांटेदार तार से घेराबंदी किए जाने के बाद अब यहां सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल देखने को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले इस मैदान की स्थिति बेहद खराब थी। दिन हो या रात, चारपहिया वाहन बेधड़क मैदान के बीच से गुजरते थे। कई बार नशे में धुत लोग गाड़ी लेकर मैदान में घुस जाते थे, जिससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता था। खेल के दौरान कई खिलाड़ी चोटिल भी हो चुके थे। इतना ही नहीं, रात के समय यह मैदान शराबियों का अड्डा बन जाता था, जिससे आसपास के लोगों को भी परेशानी होती थी।
इस गंभीर समस्या को लेकर गांव के लोगों ने कई बार भाजपा नेता संदीप यादव से शिकायत की और मैदान की घेराबंदी की मांग उठाई। लोगों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए संदीप यादव की पहल पर मैदान के चारों ओर कांटेदार तार लगाकर घेराबंदी का कार्य पूरा किया गया।
स्थानीय निवासी राकेश कुमार पासवान ने बताया, “यह मैदान गांव के लोगों और आदिवासी युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पहले यहां गाड़ियां घुस आती थीं और दुर्घटनाएं होती थीं। अब तारबंदी के बाद यह पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। बच्चे बिना डर के खेल पा रहे हैं और माहौल भी काफी बेहतर हो गया है।”
तारबंदी के बाद मैदान में अब फिर से खेलकूद की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सुबह-शाम बच्चों और युवाओं की भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे पूरे इलाके में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल न केवल सुरक्षा बढ़ाने में मददगार साबित हुई है, बल्कि युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
👉 कुल मिलाकर, डेडी खेल मैदान की घेराबंदी एक मिसाल बन गई है कि अगर स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मिलकर प्रयास करें, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है। अब यह मैदान नशाखोरी और अव्यवस्था से मुक्त होकर खेल और ऊर्जा का केंद्र बन चुका है।


