Saturday, 19 September 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

नारायणा स्कूल में ग्रैंडपैरेंट डे की धूम, दादा-दादी के साथ झूमे बच्चे

Moutushi · 19 September 2026, 1:07 PM

आसनसोल: रिश्तों की गर्माहट, बच्चों की खिलखिलाहट और दादा-दादी के चेहरे पर खुशी की मुस्कान… आसनसोल के नारायणा स्कूल में आयोजित ग्रैंडपैरेंट डे का माहौल कुछ ऐसा ही नजर आया। विशेष कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उनके दादा-दादी, नाना-नानी के बीच स्नेह और अपनापन देखने को मिला। स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके माता-पिता और परिवार के बुजुर्ग सदस्य भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि बच्चों को परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ना और उन्हें पारिवारिक रिश्तों के महत्व से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उनके ग्रैंडपैरेंट्स ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया और कई मनोरंजक गतिविधियों में हिस्सा लेकर इस दिन को यादगार बनाया।

बच्चों के लिए आयोजित की गईं खास गतिविधियां

ग्रैंडपैरेंट डे के अवसर पर स्कूल परिसर में बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने इन गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। अपने दादा-दादी और नाना-नानी की मौजूदगी ने बच्चों के उत्साह को और बढ़ा दिया।

कई बच्चों के लिए यह अवसर अपने ग्रैंडपैरेंट्स के साथ स्कूल में समय बिताने का खास अनुभव रहा। सामान्य दिनों में जहां बच्चे पढ़ाई और अपनी नियमित गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, वहीं इस कार्यक्रम ने उन्हें परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के साथ खुलकर समय बिताने का अवसर दिया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों की खुशी उनके चेहरों पर साफ नजर आई। वहीं ग्रैंडपैरेंट्स भी अपने पोते-पोतियों को स्कूल की गतिविधियों में हिस्सा लेते देखकर काफी उत्साहित दिखाई दिए।

डांस प्रस्तुति बनी कार्यक्रम का खास आकर्षण

ग्रैंडपैरेंट डे कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण शिक्षकों और ग्रैंडपैरेंट्स की ओर से प्रस्तुत की गई नृत्य प्रस्तुति रही। जब शिक्षकों और परिवार के बुजुर्ग सदस्यों ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी, तो बच्चों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।

इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम के माहौल को और जीवंत बना दिया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। मंच पर प्रस्तुति के दौरान पीढ़ियों के बीच एक अलग तरह का जुड़ाव दिखाई दिया।

स्कूल के लिए भी यह प्रस्तुति खास रही, क्योंकि इसमें बच्चों के परिवार के बुजुर्ग सदस्यों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम केवल स्कूल की गतिविधि न रहकर परिवार के सभी सदस्यों की भागीदारी वाला उत्सव बन गया।

परिवार के महत्व से बच्चों को जोड़ने की कोशिश

स्कूल की प्रिंसिपल अपर्णा नलहरजी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रैंडपैरेंट डे का मकसद बच्चों और उनके ग्रैंडपैरेंट्स के बीच रिश्ते को और मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को परिवार के महत्व और बुजुर्गों के अनुभवों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बच्चों के विकास में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। माता-पिता के साथ-साथ दादा-दादी और नाना-नानी भी बच्चों के जीवन में अलग स्थान रखते हैं। बुजुर्गों के अनुभव, कहानियां, संस्कार और स्नेह बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में योगदान देते हैं।

ग्रैंडपैरेंट डे जैसे कार्यक्रम बच्चों को यह समझने का अवसर देते हैं कि परिवार केवल माता-पिता और बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग पीढ़ियों के बीच बने रिश्ते भी परिवार की मजबूत नींव का हिस्सा हैं।

बच्चों के लिए बना यादगार दिन

कार्यक्रम में शामिल बच्चों के लिए यह दिन सामान्य स्कूल दिवस से बिल्कुल अलग रहा। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के साथ मनोरंजन और विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिला।

कई बच्चों ने अपने ग्रैंडपैरेंट्स के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और कार्यक्रम के विभिन्न पलों को यादगार बनाया। वहीं दादा-दादी और नाना-नानी भी बच्चों के उत्साह में शामिल होते दिखाई दिए।

स्कूल परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। बच्चों की आवाजाही, अभिभावकों की मौजूदगी और ग्रैंडपैरेंट्स की भागीदारी से स्कूल का वातावरण पारिवारिक समारोह जैसा नजर आया।

नई पीढ़ी और बुजुर्गों के बीच मजबूत हो रिश्ता

आज के समय में बच्चों की दिनचर्या पढ़ाई, स्कूल, तकनीक और विभिन्न गतिविधियों के बीच काफी व्यस्त रहती है। ऐसे में परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के साथ पर्याप्त समय बिताने के अवसर कई बार कम हो जाते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपने ग्रैंडपैरेंट्स के करीब आने और उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने का अवसर मिलता है।

दादा-दादी और नाना-नानी के साथ बिताया गया समय बच्चों के लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं होता, बल्कि उन्हें परिवार की परंपराओं, अनुभवों और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी देता है। वहीं बुजुर्गों के लिए भी बच्चों की खुशी और उत्साह ऊर्जा देने वाला अनुभव बन सकता है।

शिक्षकों और परिवारों की भागीदारी ने बढ़ाई रौनक

कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के शिक्षकों और परिवारों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। शिक्षकों ने बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया और पूरे कार्यक्रम के दौरान उनका उत्साह बढ़ाया।

ग्रैंडपैरेंट्स की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। शिक्षकों और ग्रैंडपैरेंट्स की नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भर दिया, जबकि बच्चों की भागीदारी ने इसे और जीवंत बना दिया।

स्कूल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया।

रिश्तों और सम्मान को समर्पित रहा आयोजन

नारायणा स्कूल का ग्रैंडपैरेंट डे कुल मिलाकर परिवार, स्नेह, सम्मान और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव को समर्पित रहा। कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके दादा-दादी और नाना-नानी की मौजूदगी ने स्कूल परिसर को एक अलग ही भावनात्मक माहौल दिया।

बच्चों की मुस्कान, ग्रैंडपैरेंट्स का उत्साह और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि बच्चों की शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि परिवार, रिश्तों और जीवन मूल्यों से सीखना भी उनके विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नारायणा स्कूल में आयोजित यह ग्रैंडपैरेंट डे बच्चों और उनके परिवारों के लिए ऐसा अवसर बनकर सामने आया, जिसमें मनोरंजन के साथ रिश्तों की अहमियत को भी महसूस किया गया। दादा-दादी और नाना-नानी के साथ बिताए गए इन खास पलों ने बच्चों के लिए इस दिन को लंबे समय तक याद रखने लायक बना दिया।

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