कुल्टी: पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से कुल्टी हाई स्कूल में इस वर्ष अरण्य सप्ताह बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। विद्यालय के जगदीश चंद्र बोस इको क्लब की ओर से एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
🌳 हरियाली के संदेश के साथ निकली रैली
विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह रैली कुल्टी के विभिन्न इलाकों से होते हुए पुनः स्कूल पहुंची। रैली में एनसीसी कैडेट्स और सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी के हाथों में बैनर और प्लेकार्ड थे, जिन पर लिखे संदेश लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित कर रहे थे—
👉 “लौटा दो वह वन, लौटाओ हरियाली का विस्तार,
लौटाओ घने जंगल, लौटाओ जीवन की अविरल धारा।”
📅 पूरे सप्ताह चलेंगे कार्यक्रम
विद्यालय में 14 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक अरण्य सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान छात्रों के लिए
- वृक्षारोपण कार्यक्रम
- पर्यावरण जागरूकता अभियान
- निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता
- स्वच्छता अभियान
जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
🌱 “एक पेड़ मां के नाम” अभियान
इस खास मौके पर विद्यालय में “एक पेड़ मां के नाम” शीर्षक से सालभर चलने वाले वृक्षारोपण अभियान को भी गति दी जा रही है। यह अभियान पहले 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) से शुरू किया गया था और अब इसे और व्यापक बनाया जा रहा है।
🗣️ प्रधानाध्यापक का संदेश
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुप कुमार दत्ता ने कहा—
👉 “पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। केवल छात्र ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर पेड़ लगाने और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लेना होगा।”
🌍 छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह
इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। रैली और अन्य गतिविधियों को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। कई छात्रों ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने का संकल्प लिया।
⚠️ क्यों जरूरी है ऐसी पहल?
आज के दौर में तेजी से बढ़ते प्रदूषण, जंगलों की कटाई और जलवायु परिवर्तन ने पर्यावरण को गंभीर खतरे में डाल दिया है। ऐसे में स्कूल स्तर पर इस तरह की पहल न सिर्फ बच्चों में जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि समाज को भी एक मजबूत संदेश देती है।
👉 कुल्टी हाई स्कूल की यह पहल साबित करती है कि छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।

