राख के गुबार में घुट रहा कुल्टी! सड़कों पर धूल की मोटी परत से बढ़ी मुसीबत

कुल्टी:
कुल्टी और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। पुरुलिया के रघुनाथपुर डीवीसी ताप विद्युत केंद्र से निकलने वाली राख से लदे ट्रकों ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

🚨 सड़कों पर राख की परत

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स्थानीय लोगों के अनुसार—
👉 ट्रकों को तिरपाल से ढका जरूर जाता है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता
👉 चलते समय ट्रकों से राख नीचे गिरती रहती है
👉 सड़क पर धूल और राख की मोटी परत जम गई है

⚠️ किन इलाकों में ज्यादा असर?

यह समस्या खासतौर पर—
✔️ डिसेरगढ़
✔️ नियामतपुर
✔️ चित्तरंजन

के बीच सड़क मार्ग पर ज्यादा देखी जा रही है।

😷 लोगों की बढ़ती परेशानी

राख और धूल के कारण—
👉 सांस लेने में दिक्कत
👉 आंखों में जलन
👉 सड़क हादसों का खतरा

लगातार बढ़ रहा है।
दोपहिया वाहन चालकों और सड़क किनारे दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।

👮‍♂️ पुलिस की कार्रवाई

रविवार को नियामतपुर ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर—
👉 राख ढोने वाले ट्रकों की जांच की
👉 चालकों को सख्त दिशा-निर्देश दिए
👉 नियम तोड़ने वाले दो ट्रकों पर जुर्माना लगाया

🗣️ लोगों की मांग

स्थानीय निवासियों का कहना है—
✔️ केवल जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा
✔️ नियमित निगरानी जरूरी है
✔️ सड़कों की सफाई होनी चाहिए
✔️ राख के सुरक्षित परिवहन की पुख्ता व्यवस्था हो

🌍 पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, कोयले की राख में मौजूद सूक्ष्म कण (PM) स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं।

🔥 निष्कर्ष

कुल्टी में बढ़ता यह प्रदूषण एक गंभीर चेतावनी है—
👉 प्रशासन को अब ठोस कदम उठाने होंगे
👉 लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी

अब सवाल यह है कि क्या सिर्फ कार्रवाई से हालात सुधरेंगे या इसके लिए स्थायी समाधान निकाला जाएगा?

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