कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदान खत्म होते ही अब स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। गुरुवार शाम से देर रात तक कोलकाता के दो प्रमुख काउंटिंग सेंटर—खुदीराम अनुशीलन केंद्र और साखावात मेमोरियल स्कूल—के बाहर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच जबरदस्त तनाव देखने को मिला।
🚨 ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन—रातभर निगरानी का आदेश
भवानीपुर से उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद साखावात मेमोरियल स्कूल पहुंचीं और करीब चार घंटे तक स्ट्रॉन्गरूम का निरीक्षण किया।
👉 बाहर निकलते ही उन्होंने—
➡️ पुलिस और केंद्रीय बलों पर सवाल उठाए
➡️ चुनाव प्रक्रिया पर भी संदेह जताया
👉 उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों को साफ निर्देश दिया—
➡️ रातभर स्ट्रॉन्गरूम के बाहर निगरानी रखें
➡️ हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए रखें
🧨 खुदीराम केंद्र में धरना और आरोप
खुदीराम अनुशीलन केंद्र में विवाद और भी बढ़ गया जब—
👉 कुणाल घोष और शशि पांजा धरने पर बैठ गए
👉 आरोप लगाया गया कि—
➡️ CCTV फुटेज में पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ दिखी
⚔️ टीएमसी बनाम बीजेपी—आमने-सामने टकराव
धरने के दौरान—
👉 बीजेपी उम्मीदवार संतोष पाठक और तापस राय भी मौके पर पहुंचे
👉 उन्होंने टीएमसी के जमावड़े पर आपत्ति जताई
👉 देखते ही देखते—
➡️ दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया
➡️ माहौल गरमा गया
👉 बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद धरना खत्म कराया गया
📢 तृणमूल की चार बड़ी मांगें
तृणमूल कांग्रेस ने प्रशासन के सामने चार मांगें रखीं—
- पोस्टल बैलेट क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएं
- लाइव फुटेज बाहर स्क्रीन पर दिखाई जाए
- उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को स्क्रीन के पास रहने दिया जाए
- पुलिस किसी तरह की बाधा न डाले
🏛️ चुनाव आयोग की सफाई
भारत निर्वाचन आयोग ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
👉 आयोग ने कहा—
➡️ पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी दलों को दे दी गई थी
➡️ नियमों के तहत स्ट्रॉन्गरूम में बिजली नहीं होती
👉 इसलिए—
➡️ टॉर्च की मदद से काम किया जा रहा था
👉 अधिकारियों के अनुसार—
➡️ सभी ईवीएम पूरी तरह सील और सुरक्षित हैं
➡️ CCTV के जरिए पूरी निगरानी हो रही है
🔍 साखावात केंद्र पर भी उठे सवाल
👉 साखावात मेमोरियल स्कूल में निरीक्षण के बाद ममता ने आरोप लगाया—
➡️ पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी हो रही है
➡️ बाहरी लोग हस्तक्षेप कर रहे हैं
👉 इसी दौरान—
➡️ टीएमसी की प्रचार गाड़ी पहुंचने पर बीजेपी ने विरोध जताया
➡️ पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे
⚡ सियासी माहौल गरम, बढ़ी चौकसी
👉 स्ट्रॉन्गरूम के बाहर दोनों दलों के समर्थक डटे रहे
👉 प्रशासन ने सुरक्षा और बढ़ा दी
👉 अब मतगणना से पहले ही—
➡️ आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
➡️ राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम
🔚 निष्कर्ष:
पश्चिम बंगाल में अब लड़ाई सिर्फ वोटों की नहीं, बल्कि विश्वास और पारदर्शिता की भी बन गई है।
👉 एक तरफ टीएमसी के गंभीर आरोप
👉 दूसरी तरफ चुनाव आयोग का सुरक्षा पर भरोसा
अब नजर मतगणना के दिन पर—क्या विवादों के बीच साफ-सुथरे तरीके से सामने आएगा जनता का फैसला? ⚠️















