आसनसोल: कालीपहाड़ी कोलियरी में शुक्रवार को श्रीपुर-शतग्राम एरिया श्रमिक यूनियन द्वारा आयोजित पीट मीटिंग में श्रमिकों के अधिकार, कोयला उत्पादन और खनन कार्य की सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में श्रमिकों और यूनियन पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इसे खासा महत्वपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोयला उद्योग की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका सबसे अहम है। यदि श्रमिक सुरक्षित, संतुष्ट और सुविधाओं से युक्त होंगे, तभी उत्पादन में वास्तविक वृद्धि संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में खनन कार्य को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं देने, रोजगार से जुड़े मुद्दों को सुलझाने तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही श्रमिकों को उनके अधिकारों, संगठन की नीतियों और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता और एकजुटता बढ़े।
इस अवसर पर खान श्रमिक कांग्रेस (बीएमएस-ईसीएल) के अध्यक्ष विनोद सिंह, ईसीएल के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार चौबे, महासचिव मृत्युंजय सिंह, संयुक्त महासचिव धनंजय पांडेय, अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तथा भाजपा युवा मोर्चा के राज्य समिति सदस्य एवं पुरुलिया विभाग प्रभारी राहुल सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा राधेश्याम सिंह, अमित सिंह, कन्हैया सिंह, दुर्गा गोप, महेश शर्मा और पवित्र खा सहित कई श्रमिक प्रतिनिधि और यूनियन कार्यकर्ता भी बैठक में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और संगठन को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि क्षेत्र में श्रमिक कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिल सके। कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, तो उत्पादन लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा।
कुल मिलाकर, कालीपहाड़ी कोलियरी में आयोजित यह पीट मीटिंग न सिर्फ श्रमिकों की आवाज को मजबूत करने का मंच बनी, बल्कि आने वाले समय में कोयला उद्योग में सकारात्मक बदलाव की दिशा भी तय करती नजर आई।















