आसनसोल, 30 मई 2026: पश्चिम बंगाल के जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चुरुलिया ओपन कास्ट कोयला खदान में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। विभिन्न मांगों को लेकर स्थानीय लोगों ने खदान परिसर में चक्का जाम कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
🚧 खदान के सभी काम ठप, सड़क पर उतरे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, आसपास के चार गांवों के सैकड़ों ग्रामीण अचानक खदान परिसर पहुंच गए और सभी उत्पादन कार्य बंद करा दिए।
👉 खदान के प्रवेश द्वार पर धरना
👉 मशीनें और परिवहन कार्य पूरी तरह बंद
👉 मजदूरों और अधिकारियों की आवाजाही प्रभावित
ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई है।
📢 “सड़क, पानी और रोजगार चाहिए”
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि खदान के कारण उनके जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है।
👉 गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं
👉 पीने के पानी की गंभीर समस्या
👉 स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा
ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
⚠️ खदान से बढ़ी समस्याएं, लोगों का जीवन प्रभावित
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खदान के कारण धूल, प्रदूषण और आवाजाही की समस्या लगातार बढ़ रही है।
👉 खेत और पर्यावरण पर असर
👉 स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां
👉 रोजमर्रा की जिंदगी में बाधा
इन सभी समस्याओं से परेशान होकर लोगों ने आंदोलन का रास्ता चुना है।
👮♂️ प्रशासन सतर्क, इलाके में तनाव
स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
👉 अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत की कोशिश
👉 हालात को नियंत्रित करने के प्रयास
👉 जल्द समाधान निकालने का आश्वासन
📌 निष्कर्ष
चुरुलिया खदान में शुरू हुआ यह आंदोलन अब बड़ा रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की लड़ाई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक उनकी मांगों को पूरा कर पाता है और खदान का काम दोबारा शुरू हो पाता है।














