जमुरिया: जमुरिया थाना अंतर्गत श्रीपुर फाड़ी के अधीन सेंटर इस्लामनगर इलाके में कथित अवैध निर्माण और जल निकासी की समस्या को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में एक मकान का निर्माण इस तरह किया जा रहा है, जिससे बड़ी नाली का रास्ता संकरा हो गया है। इसके बाद से नाली के पानी की निकासी प्रभावित होने और गंदा पानी सड़क पर जमा होने की समस्या बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है। पैदल चलने वाले लोगों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क से गुजरते समय कई बार उन्हें नाली के गंदे पानी के बीच से होकर जाना पड़ता है। कुछ स्थानीय महिलाओं ने दावा किया कि सड़क पार करने के दौरान वे फिसलकर इसी गंदे पानी में गिर चुकी हैं।
इस पूरे मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जांच कराने और जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
निर्माणाधीन मकान को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति
स्थानीय लोगों का मुख्य आरोप सेंटर इस्लामनगर में बन रहे एक मकान को लेकर है। उनका दावा है कि निर्माण के दौरान कथित तौर पर नाली की जगह को भर दिया गया है। इससे पहले जहां से पानी आसानी से निकलता था, वह रास्ता संकरा हो गया और जल निकासी प्रभावित होने लगी।
लोगों का कहना है कि यदि बड़ी नाली का रास्ता बाधित होता है तो बरसात या अधिक पानी आने की स्थिति में समस्या और गंभीर हो सकती है। वर्तमान में सड़क पर गंदा पानी जमा होने की स्थिति को स्थानीय लोग इसी जल निकासी संबंधी परेशानी से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यही वजह है कि स्थानीय लोग प्रशासन से मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
पहले से बने मकानों पर भी उठे सवाल
विवाद केवल एक निर्माणाधीन मकान तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में पहले से बने कई मकानों का निर्माण भी कथित तौर पर नियमों के विपरीत हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाली, सरकारी जमीन या सार्वजनिक रास्ते से जुड़ी जगहों पर निर्माण किया जाता है तो इससे भविष्य में पूरे इलाके की बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। उनके अनुसार, सेंटर इस्लामनगर में वर्तमान जलजमाव की स्थिति इस बात का उदाहरण है कि जल निकासी के रास्तों को सुरक्षित रखना कितना जरूरी है।
हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सभी निर्माणों की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे लोग
मामला बढ़ने के बाद स्थानीय लोग पुलिस के पास भी पहुंचे। लोगों ने निर्माणाधीन मकान के साथ-साथ सड़क पर जमा गंदे पानी की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराने और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल पानी हटाने की अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय समस्या की मूल वजह की जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि नाली का रास्ता वास्तव में संकरा या बाधित हुआ है, तो उसे पहले की स्थिति में लाने के लिए उचित कदम उठाया जाना चाहिए।
लोगों ने यह भी मांग की है कि निर्माण से संबंधित दस्तावेजों और अनुमति की जांच की जाए तथा यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे
स्थानीय शिकायत की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेता पंकज तिवारी और मुकेश साव भी मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की।
भाजपा नेताओं ने स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए जलजमाव और निर्माण संबंधी मुद्दों को गंभीर बताया। उनका आरोप है कि इलाके में कई घर कथित तौर पर अवैध तरीके से बनाए गए हैं। नेताओं के अनुसार, वर्तमान में जिस मकान का निर्माण चल रहा है, उसे लेकर भी स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है।
पंकज तिवारी और मुकेश साव का आरोप है कि कथित तौर पर ड्रेन की जगह को भरकर निर्माण किए जाने से पानी की निकासी प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि इसी वजह से नाली का पानी सड़क पर जमा होने की समस्या पैदा हुई है।
विधायक तक पहुंचा मामला
भाजपा नेताओं के अनुसार, सेंटर इस्लामनगर की समस्या की जानकारी आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी को भी दी गई है। नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत और इलाके में जल निकासी की स्थिति से विधायक को अवगत कराया गया है।
अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं। लोगों का कहना है कि समस्या लंबे समय तक बनी रही तो सड़क से आवागमन और स्थानीय जीवन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
सरकारी जमीन पर गैराज और गोदाम चलाने का आरोप
इसी बीच स्थानीय लोगों और भाजपा नेताओं ने सरकारी जमीन के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इलाके में सरकारी जमीन पर कई गैराज और गोदाम कथित तौर पर संचालित किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर बिना अनुमति निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, तो इससे इलाके की मूलभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ सकता है। उनका दावा है कि नाली और पानी निकासी के रास्ते प्रभावित होने के पीछे ऐसे कथित अतिक्रमण भी एक कारण हो सकते हैं।
हालांकि, सरकारी जमीन पर गैराज या गोदाम चलने के आरोपों की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लोगों को अब कार्रवाई का इंतजार
सेंटर इस्लामनगर में कथित अवैध निर्माण, नाली के रास्ते के संकरा होने और सड़क पर गंदा पानी जमा होने की शिकायत ने स्थानीय प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि सड़क पर जमा पानी से रोजाना आवाजाही प्रभावित हो रही है और गंदगी के कारण आसपास का वातावरण भी परेशान करने वाला बन गया है।
लोगों की मांग है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण करे, निर्माण की वैधता और नाली की वास्तविक स्थिति की जांच करे तथा यदि कोई नियम उल्लंघन सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल यह मामला आरोपों और शिकायतों के स्तर पर है। प्रशासन की जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण वास्तव में नियमों के अनुरूप है या नहीं और जलजमाव की समस्या के पीछे मुख्य कारण क्या है। अब सेंटर इस्लामनगर के लोगों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर जल्द ठोस कदम उठाया जाएगा।




Leave a Reply