*रेस्टूरेंट बार और डांस बार के माध्यम से मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट संचालन का खुलासा
कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने पश्चिम बंगाल राज्य में मुख्य रूप से बार-कम-रेस्तरां और डांस बार के माध्यम से संचालित एक संगठित अनैतिक मानव तस्करी रैकेट की जाँच के संबंध में व्यापक तलाशी ली। जाँच से पता चला है कि आरोपी व्यक्ति रोजगार के झूठे वादे और वेश्यावृत्ति में धकेलकर कमजोर महिलाओं का शोषण करने में शामिल हैं और इस तरह अपराध से भारी मात्रा में अवैध आय अर्जित कर रहे हैं।
रैकेट में 3 कुख्यात आरोपी शामिल
इस रैकेट में शामिल आरोपियों में जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी, बिष्णु मुंद्रा और उनके सहयोगी शामिल हैं। ईडी ने आईपीसी, 1860, आर्म्स एक्ट, 1959 और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1986 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कई एफआईआर और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी, बिष्णु मुंद्रा और अन्य सहित विभिन्न आरोपियों के खिलाफ दायर आरोपपत्रों के आधार पर जांच शुरू की।
कमजोर महिलाओं को फांसकर करते थे शोषण
ED की जांच से पता चला है कि उपरोक्त नामित व्यक्तियों द्वारा मुख्य रूप से उनके स्वामित्व वाले या उनके नियंत्रण वाले बार-कम-रेस्टोरेंट के माध्यम से एक संगठित मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट चलाया जा रहा है। आरोपी व्यक्ति झूठे रोजगार के वादों के तहत कमजोर महिलाओं का शोषण करते हैं और उन्हें भारी मात्रा में पीओसी बनाने के लिए वेश्यावृत्ति में धकेलते हैं।
भारी मात्रा में अवैध संपत्तियों का खुलासा
नकद में अर्जित ये अवैध धन (कई करोड़ रुपये की राशि) उनके नियंत्रण में कई कंपनियों के माध्यम से लॉन्ड्रिंग किया जा रहा है। तलाशी के दौरान, 1.01 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और डिजिटल उपकरण, विभिन्न संपत्ति दस्तावेजों के साथ, जब्त किए गए हैं। आरोपी/संदिग्ध व्यक्तियों के उपयोग और संचालन में लगे कई बैंक खातों की जानकारी की पहचान कर ली गई है। लैंड रोवर डिफेंडर और जगुआर सहित दो उच्च-स्तरीय लग्जरी वाहनों को भी पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है। आगे की जाँच जारी है।











