Saturday, 3 October 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
पीएमओ की फर्जी अधिकारी बनकर मंत्री से मिलने पहुंची महिला गिरफ्तार, दिल्ली से हावड़ा लाई गई बिहार के औद्योगिक विकास में आसनसोल की भागीदारी, महेंद्र शर्मा की कंपनी करेगी 1600 करोड़ का निवेश दुर्गा पूजा से पहले आसनसोल उत्तर को बड़ी सौगात, छह वार्डों में शुरू होगा सड़क मरम्मत का काम गांधी जयंती पर कुल्टी में कांग्रेस को नई ताकत? करीब 100 युवाओं ने थामा पार्टी का दामन आसनसोल में अवैध कोयले के भंडारण पर छापा, 20 से 25 टन कोयला जब्त; कोई गिरफ्तारी नहीं बर्नपुर को मिली नई सौगात, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने किया नए आईसीडीएस केंद्र का उद्घाटन पीएमओ की फर्जी अधिकारी बनकर मंत्री से मिलने पहुंची महिला गिरफ्तार, दिल्ली से हावड़ा लाई गई बिहार के औद्योगिक विकास में आसनसोल की भागीदारी, महेंद्र शर्मा की कंपनी करेगी 1600 करोड़ का निवेश दुर्गा पूजा से पहले आसनसोल उत्तर को बड़ी सौगात, छह वार्डों में शुरू होगा सड़क मरम्मत का काम गांधी जयंती पर कुल्टी में कांग्रेस को नई ताकत? करीब 100 युवाओं ने थामा पार्टी का दामन आसनसोल में अवैध कोयले के भंडारण पर छापा, 20 से 25 टन कोयला जब्त; कोई गिरफ्तारी नहीं बर्नपुर को मिली नई सौगात, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने किया नए आईसीडीएस केंद्र का उद्घाटन
आसनसोल-दुर्गापुर

पीएमओ की फर्जी अधिकारी बनकर मंत्री से मिलने पहुंची महिला गिरफ्तार, दिल्ली से हावड़ा लाई गई

Moutushi · 3 October 2026, 9:19 PM

नवान्न में लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने का किया था दावा, स्कूल निर्माण की शिकायत को लेकर पहुंचने की बात कही

हावड़ा: पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नवान्न में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की सदस्य बताकर राज्य के लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात करने पहुंची महिला को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान आकांक्षा विद्यार्थी के रूप में हुई है। उसे दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाया गया। शनिवार को उसे हावड़ा अदालत में पेश किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल क्यों किया और इस पूरे मामले में उसके साथ आए दो अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था और किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना महत्वपूर्ण अधिकारियों या मंत्रियों तक पहुंचने की कोशिशों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मामले के सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है और गिरफ्तार महिला के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

मंत्री से मिलने के दौरान खुद को पीएमओ की सदस्य बताया

पुलिस के अनुसार, करीब 40 वर्षीय आकांक्षा विद्यार्थी नवान्न पहुंची थी। वहां उसने कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय की सदस्य बताया और लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उसने मंत्री के सामने कूचबिहार जिले के माथाभांगा में एक स्कूल के निर्माण से जुड़ी समस्या का मुद्दा उठाया था।

बताया जा रहा है कि आकांक्षा ने मंत्री से स्कूल निर्माण में आ रही कथित बाधाओं को दूर कराने का अनुरोध किया था। उसने दावा किया था कि आसनसोल के एक पूर्व तृणमूल नेता के रिश्तेदार माथाभांगा में स्कूल का निर्माण करा रहे हैं और स्थानीय स्तर पर कुछ भाजपा नेताओं की ओर से कथित रूप से अड़चनें पैदा की जा रही हैं। इसी शिकायत को लेकर वह दो अन्य रिश्तेदारों के साथ नवान्न पहुंची थी।

पुलिस अब आकांक्षा की ओर से बताए गए स्कूल निर्माण से जुड़े पूरे घटनाक्रम की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्कूल परियोजना वास्तव में किसकी है, निर्माण कार्य में कोई विवाद है या नहीं और जिन लोगों के नाम शिकायत में सामने आए हैं, उनकी भूमिका क्या है। फिलहाल ये सभी बातें जांच का हिस्सा हैं।

पूछताछ में पूर्व जनसंघ सांसद से रिश्तेदारी का दावा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आकांक्षा विद्यार्थी ने दावा किया कि वह भारतीय जनसंघ के पूर्व सांसद राम स्वरूप विद्यार्थी की नातिन है। उसने खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ भी बताया। हालांकि, उसके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस उसके पारिवारिक परिचय और संगठन से जुड़े होने के दावे की भी पड़ताल कर सकती है।

जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि आकांक्षा ने नवान्न में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय की सदस्य क्यों बताया। क्या उसने किसी वास्तविक शिकायत को आगे बढ़ाने के लिए गलत परिचय दिया था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था, इसका पता पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद ही चल सकेगा।

मोबाइल नंबर की लोकेशन से दिल्ली तक पहुंची पुलिस

मंत्री से मुलाकात के बाद आकांक्षा के परिचय को लेकर संदेह पैदा हुआ। जब उसके पीएमओ से जुड़े होने के दावे की जांच की गई तो कथित तौर पर यह जानकारी गलत पाई गई। इसके बाद शिवपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नवान्न में दिए गए मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर जांचकर्ताओं को पता चला कि आकांक्षा दिल्ली चली गई है। इसके बाद पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंची। गुरुवार को वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाया गया।

शुक्रवार को हावड़ा लाए जाने के बाद उससे पूछताछ की गई। शनिवार को उसे हावड़ा अदालत में पेश किया गया। पुलिस इस दौरान उसके बयान, नवान्न में दिए गए परिचय और स्कूल निर्माण से संबंधित शिकायत के बीच संबंध की जांच कर रही है।

नवान्न पहुंचे दो अन्य लोगों की तलाश

इस पूरे घटनाक्रम में आकांक्षा के साथ नवान्न पहुंचे दो अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस उनकी पहचान और ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांचकर्ताओं को यह भी जानना है कि दोनों लोग आकांक्षा के पीएमओ से जुड़े होने के दावे से परिचित थे या नहीं और मंत्री से मुलाकात के दौरान उनकी क्या भूमिका रही।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवान्न में प्रवेश के समय किस तरह की जानकारी या पहचान प्रस्तुत की गई थी। इसके अलावा, मुलाकात के लिए पहले से समय लिया गया था या नहीं और संबंधित लोगों ने किस आधार पर मंत्री तक पहुंच बनाई, इन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरे मामले की तस्वीर

नवान्न राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र है, जहां मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय स्थित हैं। ऐसे स्थान पर किसी व्यक्ति की पहचान और उसके आधिकारिक परिचय का सत्यापन सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है। इस घटना के बाद यह भी महत्वपूर्ण हो गया है कि सरकारी कार्यालयों में मुलाकात के लिए आने वाले लोगों की पहचान और उनके दावों की पुष्टि किस प्रक्रिया से की जाती है।

फिलहाल पुलिस का ध्यान आकांक्षा विद्यार्थी के कथित फर्जी परिचय, उसके दिल्ली जाने के कारण, स्कूल निर्माण संबंधी शिकायत और उसके साथ आए दो अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है। उसके द्वारा पूर्व जनसंघ सांसद से रिश्तेदारी और संघ से जुड़ाव के दावे की भी पुष्टि की जानी बाकी है।

दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद हावड़ा लाई गई आकांक्षा की अदालत में पेशी के साथ मामले ने नया मोड़ लिया है। अब पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि नवान्न में हुई इस मुलाकात के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और कथित फर्जी पहचान के मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।

Advertisement